जब रोहतास डीएफओ बने शिक्षक, स्कूली छात्रों का पौधाशाला में लगा क्लास

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रोहतास वन प्रमंडल द्वारा जिले के स्कूली छात्रों के लिए अनोखी पहल शुरू की गई हैं. अब प्रत्येक गुरुवार को जिले के अलग-अलग स्कूलों के छात्र नजदीकी पौधाशाला(नर्सरी) पहुंच पौधा के बारें में ज्ञान प्राप्त करेंगे. जिसमें सरकारी एवं प्राइवेट स्कूल के छात्र शामिल होंगे. इस अनोखी पहल के पहले दिन आज सासाराम के संत जोसफ स्कूल के आठवीं एवं नवीं के 40 छात्र-छात्राओं का समूह शिवसागर स्थित पौधाशाला पहुंचा.

शिवसागर स्थित नर्सरी में छात्रों को पौधा के बारें में जानकरी देते रोहतास डीएफओ

जहां रोहतास डीएफओ प्रद्युम्‍न गौरव शिक्षक के रूप में नजर आएं. डीएफओ ने छात्रों को पौधा रोपने से संबंधित बारीकियां बताई. उन्होंने छात्रों को बताया कि पौधाशाला क्या है. पौधे से संबंधित बेसिक जानकारियां भी बताया गया. कैसे प्लाट, बेड व पालीबैग तैयार किये जाते हैं. छात्रों को अलग-अलग मौसमी पौधों की पहचान करायी गयी. डीएफओ ने छात्रों को पेड़ों के जीवन चक्र, फुल और अन्य संबंधित पहलुओं में मौसमी बदलाव के साथ जैव विविधता में कीड़े एवं पक्षियों की भूमिका के बारें बताया.

पौधाशाला में छात्रों के बीच बायोडोमेस्टिक क्विज भी किया गया. जिसमें छात्र डीएफओ एवं वन्य विभाग के टीम से पीपल के बीज का ट्रीटमेंट, पहाड़ पर कैसे पौधे लगायें जाते है, अंकुर बेड, मदर बेड एवं पौधे से सम्बंधित अन्य जानकारियां पूछे.

डीएफओ प्रद्युम्‍न गौरव ने बताया कि रोहतास जिले के शिवसागर, उचैला एवं भलुनी धाम स्थित नर्सरी में प्रत्येक गुरुवार को एक स्कूल के 30-40 छात्रों को नर्सरी घुमाया जायेगा. जहां छात्रों को नर्सरी के कामकाज, पौधों के उत्पादन के चरणों, पेड़ों के जीवन चक्र, फुल और अन्य संबंधित पहलुओं में मौसमी बदलाव के बारे में बताया जायेगा. छात्रों को जैव विविधता में कीड़े एवं पक्षियों की भूमिका के बारें में बताया जायेगा. उन्होंने कहा कि आज पहले दिन सासाराम के संत जोसफ स्कूल के छात्रों के समूह ने शिवसागर नर्सरी का दौरा किया, जहां मुझे जानकर आश्चर्य हुआ कि स्कूल के शिक्षक सहित उनमें से कोई भी छात्र इससे पहले किसी नर्सरी में नहीं गए थे. डीएफओ ने बताया कि उनका उद्देश्य छात्रों को प्रकृति के करीब लाना है. यह प्रकृति से जुड़ने और उसे बेहतर रूप में जानने समझने की कोशिश है. इससे जलवायु परिवर्तन की चुनौतियां भी कम होंगी. उन्होंने बताया कि जिले के सरकारी एवं प्राइवेट स्कूलों के छात्र नर्सरी भ्रमण में शामिल होंगे. अभी प्राइवेट स्कूल के छात्रों को नर्सरी भ्रमण कराया जा रहा है.जिला शिक्षा पदाधिकारी का सहमती मिलते ही सरकारी विद्यालयों के छात्रों को भी नर्सरी भ्रमण कराया जायेगा.


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