रोहतास किला पर लगा 13वां रोहतासगढ़ तीर्थ मेला, मानर की ध्वनि से गूंज उठी कैमूर पहाड़ी

करम वृक्ष के पूजा के दौरान वनवासी लोग

कैमूर पहाड़ी पर स्थित रोहतासगढ़ किला परिसर में वनवासी कल्याण आश्रम की 13 वां रोहतासगढ़ तीर्थ मेला मंगलवार संपन्न हुआ. देश के कई राज्यों से पहुंचे हुए वनवासी समुदाय के लोगों ने किले में स्थित प्राचीन करम वृक्ष की पूजा अर्चना की, पूजा अर्चना करते समय वनवासी महिलाओं ने मानर थाप पर  परंपरिक नृत्य किया. वनवासी समुदाय के लोग करम वृक्ष को  ब्रह्म देवता मानते हुए हर साल इसकी पूजा करते हैं, वनवासी समुदाय के लोगों का भिन्न-भिन्न स्थानों से जनसमूह यहां 2 दिन पहले से ही ईकट्ठा होना शुरू कर दिए थे. दूर-दूर बसे हुए खरवार, चेरो ,उरांव जनजाति के लोग अपने समुदाय के लोगों से मिलकर एक दूसरे में खुशी बांटते हैं.

मेले में आए आदिवासियों ने अपने पूर्वजों की धरती को नमन किया. यहाँ की मिट्टी व जल को अपने घर भी ले गए. मेला में छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर, सरगुजा, बैकुंठपुर, गढ़वा के भंडारिया रंका सहित मध्य प्रदेश के ग्वालियर, झारखंड के रांची, गुमला, दुमका, देवघर सहित मेघालय, त्रिपुरा, अंडमान निकोबार से आए आदिवासियों ने अपने पूर्वजों की धरती को सादर नमन किया.

कार्यक्रम में पहुंचे स्थानीय सांसद छेदी पासवान, राष्ट्रीय जनजाति समूह के अध्यक्ष जगदेव राम उरांव एवं छत्तीसगढ़ के पूर्व वनमंत्री गणेश राम भगत ने कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलित कर किया. जिसके बाद पुलवामा में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों के लिए दो मिनट का मौन धारण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गयी. वहीं सरस्वती विद्या मंदिर की बच्चियों ने स्वागत गान पेश किया. उसके बाद मुख्य अतिथि योगेन्द्र पासवान, सांसद छेदी पासवान, वनवासी कल्याण आश्रम के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदेव राम उरांव, छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री गणेश राम भगत आदि ने अपने विचार रखे. कार्यक्रम का संचालन संदीप उरांव ने किया.

महोत्सव में स्वागत गीत प्रस्तुत करती छात्राएं

मौके पर राष्ट्रीय एससी एसटी आयोग के सदस्य योगेंद्र पासवान ने संबोधित करते हुए कहा कि म्हाडा के तहत आदिवासी और जनजातीय लोगों को पशुपालन के लिए विशेष सहायता प्रदान किया जा रहा है. जनजातीय और वनवासी लोगों का वन क्षेत्रों पर अधिकार के लिए जो आवाज उठ कर रहा है, उस आवाज को ध्यान में रखकर भी सरकार गंभीरता से विचार कर रही है है. उन्होंने कहा कि रोहतास प्रखंड मुख्यालय से ताड़ी हरिहर होते हुए रोहतासगढ़ किला तक सड़क की जो जर्जर स्थिति है उसे दूर करने और पहाड़ी क्षेत्रों के विकास के लिए राज्य और केंद्र सरकार के समक्ष बात को रखेंगे ताकि क्षेत्र का विकास हो सके.

वहीं सांसद छेदी पासवान ने कहा कि सासाराम संसदीय क्षेत्र के अधीन कैमूर पहाड़ी पर सोलर लाइट लगाने की प्रक्रिया शुरू है. इसके अलावा रोहतास प्रखंड मुख्यालय से अधौरा को जोड़ने वाली पीसीसी सड़क को भी पूरा कराने का कार्य शीघ्र शुरू किया जाएगा. सांसद ने कहा कि बहुत जल्द रोहतास किले पर आने-जाने के लिए रोपवे का निर्माण किया जाएगा.

कार्यक्रम में वंशीधर उरांव, डोमा सिंह खरवार, गोविंद नारायण सिंह, भूपेंद्र नारायण सिंह, अखिलेश सिंह, वीरेन्द्र पासवान, रघुवीर प्रसाद, विनोद उपाध्याय, महेंद्र पासवान, विनोद यादव, सुरेंद्र सिंह, जिप सदस्य महेंद्र पासवान, अभिमन्यु, श्यामसुंदर तिवारी, लव सिंह, अजय , महादेव मुंडा, कुन्नू लाल, पिंकू चौधरी, प्रणव पांडेय, शशि आदि लोग शामिल थे.

महोत्सव में मौजूद अतिथिगण

वहीं आदिवासियों की धर्म संसद सभा की बैठक भी हुई, जिसमें सभी वनवासियों को एकजुट रहने एवं एक दूसरे के सहयोग करने की बात कही गई. क्षेत्रीय संगठन मंत्री महरंग उरांव ने कहा कि भारत के कोने-कोने से आए हुए हमारे अपने लोगों का अपने पुरखों की धरती पर स्वागत है.

बता दें कि कैमूर पहाड़ी पर 13 वें रोहतासगढ़ तीर्थ मेले में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे. कई जगह पुस्तक के काउंटर तो कई जगह स्वास्थ्य केंद्र व जल केंद्र बनाए गए थे. भोजन की भी व्यवस्था थी. वन विभाग के रेंजर बृजलाल मांझी व थानाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह तथा बीडीओ बैजू कुमार मिश्रा के अलावा सीआरपीएफ एवं जिला पुलिस के अनेक जवान तैनात थे. सीआरपीएफ के असिस्टेंट कमांडेड मोहन सिंह मॉनिटरिंग कर रहे थे.

रिपोर्ट- मुकेश पाठक



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