रोहतास के स्कूलों में भी लौटी चहल-पहल, छात्रों से गुलजार हुआ स्कूल

कोरोना काल में नौ माह के लंबे समय से बंद सोमवार को रोहतास जिले के सरकारी व निजी स्कूलों के खुलने से उनमें रौनक लौट आई है. सासाराम, डेहरी व बिक्रमगंज सहित ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी व निजी विद्यालयों के खुलने से अभिभावकों के साथ छात्र-छात्राओं में भी काफी खुशी है. सोमवार को खुले स्कूलों की पड़ताल करने पर स्कूलों में सरकार की जारी गाइडलाइन के अनुसार ही पठन-पाठन का कार्य शुरू कराया गया. सरकारी व निजी दोनों तरह के स्कूलों में गाइडलाइन का पूरी तरह अनुपालन किया गया. पहले दिन स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति कम देखी गई. शहरी क्षेत्र के विभिन्न स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति 10 प्रतिशत से भी कम रही.

Ad.

सासाराम के चौखडी पथ उच्च विद्यालय एवं संत पॉल स्कूल बारे में छात्र-छात्राओं की थर्मल स्क्रीनिंग कर ही अंदर प्रवेश करने दिया गया. बिना मास्क के स्कूल पहुंचे छात्र-छात्राओं को बाहर रोक कर पहले उन्हें मास्क उपलब्ध कराया गया. इसके बाद उन्हें प्रवेश करने दिया गया. स्कूल के अंदर प्रवेश करने पर सभी वर्गकक्षों में प्रत्येक बेंच पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए दो-दो छात्र-छात्राओं को बैठाया गया. वर्ग कक्ष में आए शिक्षक भी बिना मास्क के नहीं आए.

इसी तरह निजी स्कूलों की भी स्थिति रही. स्कूल खुलने पर पहुंचे छात्र-छात्राओं को कतार में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराते हुए थर्मल स्क्रीनिंग कर अंदर प्रवेश कराया गया. इसके बाद सभी छात्र-छात्राएं वर्ग कक्ष में पहुंचे और प्रत्येक बेंच पर दो-दो बच्चों को बैठाया गया.

विदित हो कि बिहार माध्यमिक शिक्षा विभाग के द्वारा सोमवार से सभी सरकारी व गैर सरकारी स्कूलों में वर्ग नवीं से 12वीं तक एवं कॉलेज के अंतिम वर्ष के कक्षाओं एवं कोचिंग संस्थानों को खोल दिया गया. शिक्षा विभाग ने राज्य सरकार के सभी निर्देशों के अनुसार प्रत्येक कक्षा में छात्रों के कुल क्षमता की 50 प्रतिशत उपस्थिति प्रथम दिन रहेगी एवं शेष 50 प्रतिशत की उपस्थिति दूसरे दिन होगी. किसी भी कार्य दिवस पर कक्षा में कुल क्षमता का 50 प्रतिशत से अधिक उपस्थिति नहीं होगी. 18 जनवरी के बाद शेष कक्षाओं को चालू करने का निर्णय विभाग के द्वारा मूल्यांकन के बाद किया जाएगा. जीविका के माध्यम से कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दो-दो मास्क दिए जा रहे हैं. साथ ही स्कूल व संस्थानों में शौचालय, पेयजल की उतम व्यवस्था एवं सैनिटाइजर व मास्क रखने का निर्देश दिया था. शिक्षा विभाग ने राज्य सरकार के द्वारा जारी गाइडलाइन के अनुसार विद्यार्थियों के बीच कम से कम छह फीट की दूरी एक बेंच पर एक या दो बैठ सकेंगे. इसी प्रकार शिक्षक के स्टाफ रुम, कार्यालय, आगत कक्ष में भी छह फीट की दूरी पर बैठने की व्यवस्था को चिन्हित करना होगा. शैक्षणिक संस्थान, विद्यालय एवं कोचिंग के प्रवेश एवं निकास द्वार को भी विभिन्न वर्गों के अनुसार क्रमवार समय आवंटित करते हुए आने एवं जाने के लिए चिन्हित किया जाए.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here