अंतरराष्ट्रीय तलवारबाजी प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व करेगा रोहतास का अनवर

रोहतास जिले के दस वर्षीय अनवर आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय पटल पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले हैं. अनवर एक तलवारबाज हैं. इतनी कम उम्र में ही उन्होंने तलवारबाजी के इतने जौहर सीख लिए कि अब थाइलैंड जाने वाले हैं.

अनवर रोहतास के तिलौथू प्रखंड के सरैया का रहने वाला है. लेकिन, बीते चार साल से वह मुबंई में है. इनदिनों वह मुंबई में चल रही तलवारबाजी प्रतियोगिता में परचम लहरा रहा है. दरअसल, वह सितंबर महीने में होने वाली नेशनल फेसिंग कंपटीशन में भाग लेने की तैयारी कर रहा है. अनवर फिलहाल मुंबई में चौथी कक्षा का छात्र है. अनवर ने बहुत ही छोटी उम्र में ही तलवारबाजी में महारत हासिल कर ली है. पिछले साल उन्हें सिल्वर पदक भी मिला था. लेकिन, इस बार अनवर ने नासिक में हुए राष्ट्रीय तलवारबाजी प्रतियोगिता अंडर 10 आयु वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल कर अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में स्थान बना लिया है.

इतनी कम उम्र में इस मुकाम को हासिल करने में अनवर के माता-पिता और कोच का बहुत बड़ा हाथ है. अनवर के पिता शब्बार हुसैन कहते हैं कि उन्हें बचपन से ही खेलकूद में खासी दिलचस्पी थी. जिस कारण परिवार वालों ने उन्हें आगे बढ़ाने का सोचा. उन्होंने कहा कि अनवर की इस सफलता में उनकी मां शाजी खातून का विशेष योगदान है.

बता दें कि शाजी खातून एनआईटी दिल्ली से सॉफ्टवेयर इंजीनियर के रूप में टॉपर रह चुकी हैं और फिलहाल मुम्बई में कार्यरत हैं. शब्बार हुसैन की सहमति से शाजी ने अपने बेटे अनवर को मुम्बई में ही पढ़ाने का फैसला किया और अनवर नवी मुम्बई स्थित पोद्दार स्कूल में चौथी क्लास का छात्र है. अनवर के पिता भी इंजीनियर हैं. अनवर का बाकी परिवार एवं पिता रोहतास में हैं. नन्हें उस्ताद के इस जौहर से पूरा जिला गौरवान्वित महसूस कर रहा है. लोगों को पूरी उम्मीद है कि आने वाले समय में अनवर अंतर्राष्ट्रीय तलवारबाजी प्रतियोगिता में भी गोल्ड हासिल करेंगे.

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