रोहतास के लाल दीपक ने यूपीएससी में मारी बाजी, सरकारी नौकरी के साथ की तैयारी

कहते हैं न कि जब इरादा बुलंद हो तो सफलता इंसान के कदमों में होती है. बिल्कुल ऐसा ही सच कर दिखाया है कि रोहतास जिले के लाल दीपक सिंह ने. जिले के कोचस प्रखंड के डोइयां गांव निवासी दीपक सिंह ने यूपीएससी में 686वां रैंक प्राप्त किया. परीक्षा उत्तीर्ण करने की सूचना लगते ही उनके घर पर आसपास के लोगों सहित विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्यों द्वारा बधाई देने का सिलसिला जारी है. दीपक वर्तमान में उत्तराखंड के लैंसडाउन में डीएफओ की पोस्ट पर तैनात है, सरकारी नौकरी करने के साथ ही उन्होंने पहले प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा में सफलता हासिल की. 2017 में उनकी नियुक्ति वन विभाग में हुई थी. यूपीएससी द्वारा आयोजित भारतीय वन सेवा की परीक्षा में दीपक को 16वां स्थान प्राप्त हुआ था.

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दीपक सिंह ने बताया कि सुबह वह ड्यूटी पर जाते थे तथा उसके बाद रात को जब भी समय मिलता परीक्षा की तैयारी करते. उन्होंने बताया कि वह इसके जरिए समाज सेवा को प्राथमिकता देंगे. लोगों की सेवा करना ही उसका ध्येय रहेगा. दीपक ने कहा कि सफलता के लिए शॉर्टकट को ना अपनाते हुए मेहनत व लगन से आगे बढ़े.

दीपक 2011 में आइआइटी दिल्ली से बीटेक की पढ़ाई पूरी कर भारतीय वन सेवा में डीएफओ के पद पर कार्यरत है. दीपक बताते हैं कि सातवीं तक की पढ़ाई मध्य विद्यालय डोईयां से की. दसवीं कक्षा की परीक्षा 2011 में सासाराम के बाल विकास विद्यालय से उत्तीर्ण किए. बारहवीं कक्षा की पढ़ाई 2006 में पटना के साइंस कॉलेज से पूरी की. वहीं, 2011 में आइआइटी दिल्ली में बीटेक की पढ़ाई पूरी करने के बाद 2015 तक पीडब्लूसी कंसलटेंट के पद पर रहे. 2017 में भारतीय वन सेवा की परीक्षा में सफलता हासिल करने के बाद अभी डीएफओ के पद पर कार्यरत है.

दीपक के पिता हरेन्द्र सिंह गांव पर ही पोस्ट ऑफिस में कार्यरत हैं, वहीं उनकी माता कमला देवी गृहणी है. उन्होंने कहा कि शिक्षा को लेकर नीरज को किसी तरह की कमी नहीं आने दी. अब तो उनकी एक ही तमन्ना है कि वह पूरी निष्ठा से अपनी ड्यूटी करते हुए देश सेवा करे. दीपक दो भाई एवं दो बहन है, भाई में दीपक बड़े है.

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