रोहतास में डीएम ने आईसीडीएस के कार्यों की समीक्षा की, घर-घर जाकर सर्वे करते हुए मुख्यमंत्री कन्या उत्थान के लाभुकों का पंजीकरण कराने का दिए निर्देश

जिला मुख्यालय सासाराम स्थित कलेक्ट्रेट में डीएम नवीन कुमार ने गुरुवार को आईसीडीएस विभाग की समीक्षात्मक बैठक की. डीपीआरओ ने बताया कि बैठक में जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा बताया गया कि जिले में कुल 3388 आंगनबाड़ी केन्द्र संचालित है. जिसमें 1245 केंद्रों का अपना भवन है तथा 200 भवन अन्य सरकारी भवनों में संचालित है. 67 आगनंबाड़ी केन्द्रों को विद्यालय में स्थानांतरित किया गया है. बैठक में डीएम ने निर्देश दिया कि बीईओ एवं सीडीपीओ द्वारा संयुक्त जांच की जाएगी कि कौन से विद्यालय में कमरा उपलब्ध है. यदि कमरा विद्यालय में उपलब्ध है, तो आंगनबाड़ी केन्द्रों को विद्यालय में स्थापित किया जायेगा.

बैठक में बाल विकास परियोजना पदाधिकारी करगहर द्वारा बताया गया कि प्रत्येक माह 35 आंगनबाड़ी केन्द्रों का जाँच सीडी पीओ द्वारा कराते हुए आंगन ऐप मे इन्ट्री की जाती है, जिसकी मॉनिटरिंग डिस्ट्रिक्ट कोर्डिनेटर द्वारा की जाएगी. पोषण ट्रैकर ऐप में जितने बच्चों की संख्या दर्ज है, उतने ही बच्चों की पोषाहार राशि स्थानांतरित की जाएगी. यदि संख्या बढ़ाकर अंकित की गई तो समतुल्य राशि की कटौती आंगनबाड़ी सेविका के मानदेय से की जाएगी.

डीएम ने क्रिटिकल आंगनबाड़ी सेविका व सहायिका की परियोजना वार डाटाबेस तैयार करने का निर्देश दिया. डीएम द्वारा निर्देशित किया गया कि 100 प्रतिशत आंगनबाड़ी केन्द्र खुले यह डीपीओ आईसीडीएस सुनिश्चित करेंगे. मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजनान्तर्गत जिला में 60 प्रतिशत आवेदनों का पंजीकरण होने पर डीएम द्वारा नाराजगी व्यक्त की गई तथा प्रत्येक घर-घर जाकर सर्वे करते हुए योग्य लाभुकों का पंजीकरण शत-प्रतिशत कराने का निर्देश दिया गया.

साथ ही, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में भी योग्य लाभुकों की प्रविष्टि 15 दिनों मे कराने का निर्देश दिया गया. बैठक में बताया गया कि जिले में 20 परियोजना केन्द्र हैं तथा CDPO की संख्या मात्र 9 हैं. जिसपर डीएम ने कहा कि अतिरिक्त प्रभार बगल वाली परियोजना का ही दिया जाय. यदि इसमें कोई विषंगती है तो संशोधन के लिए विभाग से पत्राचार की जाए.

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