रोहतास: वेंटिलेटर चलाने के लिए न टेक्नीशियन मिले न विशेषज्ञ चिकित्सक, अब निजी अस्‍पताल को देने की तैयारी

सासाराम सदर अस्पताल में अधिष्ठापित सात वेंटिलेटर के सफल संचालन हेतु जिला स्वास्थ्य समिति ने चार ईसीजी या आईसीयू टेक्नीशियन और तीन विशेषज्ञ चिकित्सक के नियोजन के लिए आवेदन भी मांगा. जिसका नियोजन छह मई को डीएम कार्यालय में वॉक-इन-इंटरव्यू के जरिए फिक्स था. छह मई बीत गया लेकिन कोई न तो टेक्नीशियन मिले और न ही कोई चिकित्सक ने नियोजन में रुचि ली. अब इन वेंटिलेटरों को एक निजी अस्पताल को देने की तैयारी जिला प्रशासन ने शुरू की है. महामारी से लड़ने के लिए डीएम धर्मेंद्र कुमार ने जल्द इसका संचालन किसी भी तरह  शुरू करने का निर्देश दिया है. विदित हो कि गत वर्ष पीएम केयर फंड से सदर अस्पताल को सात वेंटिलेटर उपलब्ध कराए गए थे.अस्पताल में वेंटिलेटर के चालू न होने से गंभीर रोगियों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.

जिस निजी अस्पताल को वेंटिलेटर शुरू करना है उसके पास भी अभी तक पर्याप्त डॉक्टर की टीम उपलब्ध नहीं हो पाई है न टेक्नीशियन ही उपलब्ध है. बावजूद स्वास्थ्य विभाग ने इनकी उपलब्धता इंस्टालेशन तक सुनिश्चित कराने की बात कह सशर्त सात वेंटीलेटर को निजी अस्पताल को देने के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू कर दी है. विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस महीने के अंत तक संभवतः वेंटिलेटर सेवा शुरू कर दी जाएगी. बता दें कि छह मई को ही तीन ईसीजी ऑपरेटर की बहाली वॉक-इन-इंटरव्यू के जरिए की गई है. इसके अलावे 13 एमबीबीएस डॉक्टरों को नियुक्ति पत्र दे पदस्थापना के लिए भेज दिया गया है. नवनियुक्त चिकित्सकों में 6 को सासाराम कोविड केयर सेंटर, 4 को अनुमंडलीय अस्पताल डेहरी तथा 3 को अनुमंलीय अस्पताल बिक्रमगंज के कोविड केयर सेंटर पर पदस्थापित किया गया है.

एसीएमओ डॉ. केएन तिवारी के मुताबिक अस्पताल में वेंटिलेटर को शुरू करने के लिए डीएम के निर्देश पर एक निजी अस्पताल से सहयोग मांगा गया है. अस्पताल प्रबंधन को वेंटीलेटर के लिए योग्य चिकित्सक व टेक्नीशियन की सूची उपलब्ध कराने के लिए कहा गया है. सूची मिलते ही वेंटीलेटर उन्हे सशर्त दे दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि अस्पतालों में पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर मौजूद हैं.

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