सासाराम: असहाय बच्चों की सुरक्षा व ह्यूमन ट्रैफिकिंग को रोकने को लेकर हुआ सेमिनार, रेलकर्मियों को दिए गए जरूरी निर्देश

सासाराम स्टेशन परिसर के हॉल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सेमिनार का आयोजन किया गया. यह सेमिनार रेलवे चिल्ड्रेन इंडिया व आरपीएफ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया था. सेमिनार का मुख्य मकसद ह्यूमन ट्रैफिकिंग को लेकर जागरूकता था. रेलवे के माध्यम से ह्यूमन ट्रेफिकिंग के ज्यादा मामले आते हैं. ह्यूमन ट्रैफिकिंग के सबसे ज्यादा शिकार बच्चे होते हैं. साथ ही नाबालिग लड़कियां ह्यूमन ट्रैफिकिंग की शिकार होती हैं. ऐसे ही ह्यूमन ट्रैफिकिंग का मामला आने पर फौरन रेलवे कर्मियों व आरपीएफ को सूचना देने की जानकारी दी गई.

सेमिनार के दौरान मुख्य वक्ता सह रेलवे चिल्ड्रन इंडिया के प्रोग्राम मैनेजर अहमद खान ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर रेलवे के द्वारा बनाए गए एसओपी, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा दिए गए दिशा-निर्देश की जानकारी दी. बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु कानून में वर्णित प्रावधानों की जानकारी दी गई.

बताया गया कि घरेलू हिंसा, बच्चों के साथ मारपीट, अभिभावक का शराबी होना आदि मामलों में बच्चे घर से पलायन करते हैं. सबसे पहले भागकर बच्चे रेलवे स्टेशन पर ही पहुंचते हैं. ऐसे में रेल पुलिस के साथ अन्य पक्षों को भी जागरूक करना जरूरी है, ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके. सेमिनार में आरपीएफ और जीआरपी की भी भूमिका व कर्तव्य के बारे में विस्तृत रूप से बताया गया.

सेमिनार को आरपीएफ निरीक्षक संजीव कुमार, संजय गुप्ता, ट्रैफिक इंस्पेक्टर सौरभ कुमार, स्टेशन अधीक्षक कौशल किशोर पांडेय, वाहन चालक, कार, बाइक, ऑटो वाहन पार्किंग के संचालक, स्टेशन सफाई कर्मचारी, स्टेशन स्टॉल स्टॉफ व स्थानीय लोग शामिल थे.

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