व्हाट्सएप पर वैकेंसी का फर्जी विज्ञापन पढ़ सासाराम सदर अस्पताल पहुंची महिला अभ्यर्थियों ने किया हंगामा

व्हाट्सएप पर स्वास्थ्य विभाग में एएनएम पद के लिए वायरल किए गए फर्जी विज्ञापन के आधार पर शुक्रवार को जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय रोहतास में काफी संख्या में अभ्यर्थी पहुंच गईं. राज्य के कई जिलों से पहुंची महिला अभ्यर्थियों को यहां आने पर पता चला कि किसी प्रकार की काउंसलिंग नहीं है. इसकी नोटिस देख उन्‍हें बैरंग लौटना पड़ा. एएनएम अभ्यर्थियों ने कार्यालय पर लापरवाही करने का आरोप लगाते हुए हंगामा भी किया. अभ्यर्थियों का कहना था कि यदि नियुक्ति संबंधी कोई सूचना व्हाट्सएप के माध्यम से वायरल हुई थी तो विज्ञापन के फर्जी होने की सूचना क्यों नहीं बेवसाइट पर डाली गई? इससे दूर-दराज के अभ्यर्थी परेशानी से बच जाते. हंगामा की सूचना पर पहुंची पुलिस बल के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ.

हालांकि पांच दिन पहले जिला प्रशासन ने फर्जी नियुक्ति के संबंध में वायरल किए गए विज्ञापन को फर्जी करार दिया था. सिविल सर्जन एवं आपदा प्रबंधन प्रभारी ने वायरल किए गए विज्ञापन पत्र में किए गए हस्ताक्षर को जाली बताया था. साथ ही इस मामले में सिविल सर्जन डॉक्टर सुधीर कुमार ने नगर थाना में अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज कराई थी. प्राथमिकी में कहा गया था कि किसी माफिया तत्वों ने नियुक्ति के संबंध में विज्ञापन वायरल कर नौकरी दिलाने के नाम पर अभ्यर्थियों से पैसा ऐंठने की मंशा से यह कवायद की है. नियुक्ति के संबंध में वायरल किए गए मैसेज में विशेषज्ञ डॉक्टर ,आयुष चिकित्सक, नर्स, फार्मासिस्ट ,ऑपरेटर समेत अन्य पदों के लिए स्वास्थ समिति की ओर से सूचना दी गई थी. वहीं, लखीसराय, गया, जहानाबाद एवं कैमूर जिला से पहुंची  महिला अभ्यर्थियों ने बताया कि व्हाट्सएप के माध्यम से उन्हें 90 पद पर नियुक्ति होने की सूचना मिली थी. उसके आलोक में 11 जून को जिला स्वास्थ्य समिति कार्यालय में काउंसिलिंग की सूचना दी गई थी.

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