रोहतास में फर्जी वाहन पास बनाने के खेल का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार

लॉकडाउन में वाहन पास की अनुमति देने का फर्जी पास बनाने के खेल का डेहरी में पुलिस-प्रशासन ने पर्दाफाश किया है. डीएम और एसडीएम के फर्जी हस्‍ताक्षर वाले ई पास के लिए धंधेबाज दो हजार रुपये प्रति पास तक वसूल करते थे. पूर्व डीएम, एसडीएम व इंसिडेंट कमांडेंट के फर्जी हस्ताक्षर से ई पास निर्गत किया जाता था. शनिवार को इस मामले का भंडाफोड़ होने के बाद एएसपी व एसडीएम ने तीन साइबर कैफे की जांच कर पांच धंधेबाजों को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार धंधेबाज सुभाषनगर निवासी दीपक कुमार, विनोद कुमार एव डेहरी बाजार निवासी हिमांशु कुमार,अविषेक कुमार व विष्णु गुप्ता शामिल है.

सबसे मजे की बात है कि धंधेबाजों ने डेहरी एसडीएम के भी दो वाहनों का पास दो-दो हजार रुपए में मधुबनी और गोपालगंज जाने के लिए बना दिया. एसडीएम सुनील कुमार सिंह ने बताया कि अन्य जिले एव अन्य प्रांतों में जाने के लिए फर्जी ई पास बनाने वाले गिरोह के बारे में सूचना मिली थी. तब गुरुवार को अपने दोनों सरकारी वाहनों का पास बनवाने के चालक को भेजा. एक मधुबनी जाने के लिए और दूसरा गोपालगंज जाने के लिए. ई पास बनवाने को थाना चौक स्थित साइबर कैफे एवं सुभाषनगर साइबर कैफे में चालक गया. थाना चौक वाले ने शुक्रवार को ही फोन किया कि पास ले जाइए. लेकिन सुभाषनगर वाले ने शनिवार को देने की बात कही थी. इसलिए पास मिलते ही दोनों साइबर कैफे में एएसपी संजय कुमार के साथ छापेमारी की गई.

छापेमारी के क्रम में ही सुभाषनगर निवासी दीपक कुमार ने पकड़े जाने पर बताया कि मेरे बगल वाला भी यह कार्य करता है. उसकी निशानदेही पर उसके बगल के साइबर कैफे संचालक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. दोनों के पास से दो लैपटॉप भी बरामद किया गया है. वहीं थाना चौक स्थित एक दुकानदार हिमांशु गुप्ता एवं इसके अन्य दो साथी अभिषेक कुमार व विष्णु गुप्ता को भी इस कार्य में संलिप्त पाते हुए गिरफ्तार किया गया तथा इनके पास से एक लैपटॉप भी बरामद किया गया है. छापेमारी के दौरान नगर परिषद के कार्यपालक पदाधिकारी कुमार ऋत्विक, अंचलाधिकारी अनामिका कुमारी, नगर थानाध्यक्ष चंद्रशेखर प्रसाद गुप्ता भी शामिल थे.

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