रोहतास में 71 नए केस मिले, दो वर्षीय बच्ची भी मिली संक्रमित, 30 हुए स्वस्थ, 316 एक्टिव होम आइसोलेट

सासाराम सदर अस्पताल में कोरोना की जांच करते स्वास्थ्यकर्मी

रोहतास जिले में कोरोना का ग्राफ बढ़ता जा रहा है. बावजूद इसके लोग लापरवाह बने हुए हैं. गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटे में कोरोना के 71 नए पॉजिटिव मरीज है. जबकि पूर्व से संक्रमित 30 व्यक्ति स्वस्थ हुए हैं. जिसके बाद यहां पर सक्रिय मरीजों की संख्या बढ़कर 316 हो गई है. सभी काेरोना एक्टिव मरीजों का होम आइसोलेशन में रखा गया है. इनका डिस्ट्रिक्ट कॉल सेन्टर के माध्यम से डेली हेल्थ फीडबैक लिया जा रहा है, कोई मरीज क्रिटिकल नहीं है.

विभाग की ओर से संक्रमितों के घर पर मेडिकल कीट पहुंचाया जा रहा है. गुरुवार को जो नए पॉजिटिव मरीज मिले हैं, उनमें सासाराम प्रखंड के 29, डेहरी के 29, अकोढ़ीगोला के दो, सूर्यपुरा के दो, नासरीगंज के दो, करगहर के एक, नौहट्टा के एक व नोखा के एक मरीज हैं. जबकि पटना, आरा, ओबरा व पश्चिम बंगाल के भी एक-एक पॉजिटिव मरीज है, जिनका जांच रोहतास में ही हुआ था. संक्रमितों में एक दो वर्षीय बच्ची व 9 वर्षीय बच्चा की भी रिपोर्ट पॉजिटिव आया है.

विभाग के जिला अनुश्रवण एवं मूल्यांकन पदाधिकारी रितु राज ने बताया कि पिछले 24 घंटे में 6082 लोगों की जांच की गई, जिसमें 71 नए केस मिले है. जबकि 30 मरीज रिकवर हुए हैं. जिसके बाद सक्रिय मरीजों की संख्या 316 हो गई है. इसमें 304 संक्रमित इसी जिले के हैं जबकि 12 बाहर के हैं. सभी सक्रिय मरीजों को हाेम आइसोलेशन में रखा गया है. वहीं रेलवे स्टेशन पर संग्रहित 264 यात्रियों की सैंपल में से किसी में कोरोना का लक्षण नहीं मिला है.

सिविल सर्जन डॉ अखिलेश कुमार ने बताया कि तीसरी लहर में संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग पूरी तैयारी के साथ अलर्ट है. संक्रमित मिले लोगों के इलाज के साथ ही वैक्सीनेशन का काम भी जोरों पर है. लक्ष्य को शत प्रतिशत पूरा करने के लिए हम काम कर रहे हैं. 15 से 18 वर्ष आयु के किशोर-किशोरियों के टीकाकरण को ले संबंधित अधिकारियों जरूरी निर्देश दिए गए हैं. डीएम धर्मेन्द्र कुमार के निर्देशानुसार कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए सदर अस्पताल सासाराम में 200 बेड तैयार किए गए हैं. अनुमंडलीय अस्पतालों को भी रेडी मोड में रखा गया है. जिले में कुल मिलाकर सभी प्रकार के लगभग 1800 ऑक्सीजन सिलेंडर हैं जिन में से 75 प्रतिशत को शुक्रवार तक भर लिए जाने का लक्ष्य रखा गया है.

सीएस ने कहा कि चिंतित करने वाली बात यह है कि कोरोना के प्रति अब भी लोग लापरवाही बरत रहे हैं. कहा कि इस वैश्विक महामारी के बढ़ते प्रभाव पर विराम लगाने के लिए सामाजिक सहयोग भी बेहद जरूरी है. लोगों से अपील है कि सभी लोग जारी गाइडलाइन का पालन करें और इस महामारी के खिलाफ लड़ाई में सकारात्मक सहयोग करें. मालूम हो कि कोरोना की चेन तोड़ने के लिए नाइट क‌र्फ्यू लगाई गई है, लेकिन नाइट क‌र्फ्यू का भी सही-सही पालन नहीं हो रहा है. शाम के आठ बजे के बाद भी अधिकांश जगहों पर दुकानें खुली नजर आती हैं. वहीं अधिकांश लोग बिना मास्क ही सड़कों पर घूमते तथा व्यापार करते नजर आ रहे हैं.

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