रोहतास: किशोरी से छेड़छाड़ करने वाले को पांच साल की जेल, ढाई साल बाद कोर्ट ने सुनाई सजा

रोहतास में सात साल की किशोरी के साथ छेड़छाड़ एवं दुष्कर्म प्रयास करने के ढाई साल पुराने मामले में शुक्रवार को सासाराम न्यायालय के अपर जिला जज छह ने अभियुक्त को पांच साल की सजा सुनाई है. सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए अपर जिला जज छह सह विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम आशुतोष कुमार की अदालत ने दोषी पाये अभियुक्त रोहतास थाना क्षेत्र के बाजीतपुर निवासी श्रीभुईयां को एक हजार रुपये अर्थदंड सहित पांच साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है.

अर्थदंड जमा नहीं करने पर अभियुक्त को सात दिनों की अतिरिक्त कारावास होगी. विशेष अदालत ने पीड़िता को दो लाख रूपए क्षतिपूर्ति के रूप में भुगतान करने का जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव को आदेश दिया. अदालत ने कहा है कि क्षतिपूर्ति राशि में से डेढ़ लाख रूपए स्वयं के विवेक के आधार पर सावधि खाते में जमा कराएं, जिससे पीड़िता के शिक्षा व कौशल विकास के लिए समय-समय पर राशि मिल सके. क्षतिपूर्ति का सर्वोत्तम उपयोग पीड़िता के पुनर्वास एवं कल्याण के लिए सुनिश्चित की जा सके. मामले में किशोरी की मां ने डेहरी महिला थाना में 2019 में प्राथमिकी दर्ज कराया था.

मामले में अभियोजन पक्ष की अधिवक्ता विशेष लोक अभियोजक शाहिना कमर ने बताया कि उक्त घटना 17 नवंबर 2019 की शाम की थी. पीड़िता की मां अपने घर पर खाना बना रही थी. उसकी सात वर्षीय बेटी छोटी बहन के साथ घर के बाहर खेल रही थी. कुछ देर बाद वह अचानक रोते हुए घर में आई, तो पूछने पर बताई कि अभियुक्त ने खैनी मांगा और जब मैं खैनी लाने जा रही थी तो हाथ खींच के देवता घर में ले जाकर उसका पैंट खोल दिए और पेट पर चढ़ गए. जब वह रोने लगी तो उसे एक थप्पड़ मार दिया. मामले में पुलिस ने अभियोजन पक्ष की तरफ से पांच गवाहों को विशेष अदालत में पेश किया गया था.

Ad.
rohtasdistrict:
Related Post