राजस्थान से सेना के सूबेदार का शव पहुंचा रोहतास, 10 साल के बेटे ने दी मुखाग्नि

राजस्थान के अलवर में ड्यूटी के दौरान रोहतास जिला निवासी सूबेदार रामधन पासवान का अचानक तबीयत खराब हो गया. जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां मंगलवार को उनका निधन हो गया. बुधवार की सुबह सूबेदार का शव उनके गांव काराकाट प्रखंड के चिल्हा गांव पहुंचा तो कोहराम मच गया. शव पहुंचने की खबर मिलते ही गांव से लेकर आस पास क्षेत्र सहित जनप्रतिनिधि, रिटायर्ड फौजी अंतिम दर्शन को पहुंचे.

अंतिम दर्शन के लिए जैसे ही उनकी पत्नी उर्मिला देवी, 18 वर्षीय बेटी रूही, 15 वर्षीय रिया व 10 वर्षीय बेटा स्नैय कुमार शव के पास पहुंचे तो दहाड़ मारकर रोने बिलखने लगे. सभी की आंखें नम हो गई. गांव से बाहर बागीचे में पूरे सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. उनके एकलौता 8 वर्षीय बेटे सनय ने मुखाग्नि दी. रामधन को अंतिम विदाई देने के लिए स्टेशन हेडक्वार्टर, गया से नायब सूबेदार सुखविंदर सिंह के नेतृत्व में सेना के जवान पहुंचे थे.

सूबेदार के सम्मान में जवानों ने 21 चक्र गोलियों की सलामी दी गई. शव यात्रा में पहुंचे सभी लोगों ने रामधन पासवान अमर रहे के गगनभेदी नारे लगाये. वहीं अंतिम संस्कार में पुलिस-प्रशासन के एक भी अधिकारी चिल्हा गांव नहीं पहुंचे. इससे लोगों में नाराजगी दिखी. अंतिम संस्कार के बाद काराकाट के प्रशिक्षु बीडीओ कुमार विशाल व स्थानीय पुलिस पहुंची थी. परिजनों ने बताया कि सैनिक रामधन पासवान वर्ष 1995 में सेना में भर्ती हुए थे, जो वर्तमान में 452 आर्टलरी रेजिमेंट अलवर राजस्थान में सूबेदार के पद पर कार्यरत थे, जहां तबियत खराब होने के बाद उनकी मौत हो गई.

Ad.

rohtasdistrict:
Related Post