पहले दिन की आंखोंदेखी, सासाराम में 7 बजते ही सड़क पर उतरे प्रशासनिक अधिकारी, धड़ाधड़ बंद हुई दुकानें

बिहार में कोरोना की दूसरी लहर में पहली बार शनिवार से शहर की दुकानों-बाजारों को रात सात बजे बंद करने का फरमान जारी हुआ था. हालांकि, सासाराम में इसके लिए सभी लोग तैयार थे, लेकिन अंतिम समय तक कुछ बेच लेने का मोह पीछा नहीं छोड़ रहा था, लेकिन प्रशासन के डंडे का भी भय सता रहा था. गर्मी की वजह से ग्राहक भी शाम होने पर ही खरीदारी करने निकलते हैं, लिहाजा बाजार में भीड़ भी अच्छी खासी थी.

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जैसे ही घड़ी की सुई ने रात के सात बजाए, बाजार में अफरातफरी मच गई. दुकानों के शटर धड़ाधड़ गिरने लगे, तो ठेले-खोमचे वाले अपनी दुकान समेटकर भागने लगे. क्योंकि साढ़े छह बजते ही गृह विभाग के आदेश को सख्ती से अनुपालन कराने को लेकर प्रशासनिक पदाधिकारी सड़क पर उतर गए थे. इस दौरान माईकिंग कर लोगों को प्रशासनिक आदेश से दुकानदारों अवगत कराया गया. दुकानदारों के साथ आमलोगों को भी प्रशासनिक आदेश का अनुपालन करने के संबंध में चेतावनी दी गई.

कई दुकान सात बजे के बाद भी खुला पाया गया. जिनको प्रशासन द्वारा पहले दिन चेतावनी देकर छोड़ दिया गया. लेकिन यह भी हिदायत दी गई की यदि दूसरे दिन सात बजे के बाद दुकान खुली पाई गई तो जुर्माना वसूला जाएगा और दुकानों को भी सील कर दिया जाएगा. हालांकी कई लोग अपने घरो में शादी की तैयारी को लेकर शाम में बाजार पहुंचे थे. लेकिन दुकानों को बंद होने जाने के कारण बाजार नहीं हो सका. इस मौके पर एसडीओ मनोज कुमार, डीएसपी बीके रावत, एसडीएम रिजवान फिरदौस कुरैशी, नगर थानाध्यक्ष कमख्या नरायण सिंह, सीओ और क्युआरटी की टीम मौजूद थे.

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