रोहतास-कैमूर सीट के लिए एनडीए और राजद प्रत्याशी ने किया नामांकन, नामांकन के बाद जनसभा का किया गया आयोजन; कहा- पंचायत प्रतिनिधियों के लिए काम करेंगे

रोहतास सह कैमूर स्थानीय प्राधिकार विधान परिषद सीट के लिए सोमवार को दो प्रमुख दलों के प्रत्याशियों ने अपना नामांकन दाखिल कर दिया. राजद से प्रत्याशी कृष्ण कुमार सिंह ने सासाराम स्थित जिलाधिकारी सह निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय में नामांकन दाखिल किया. राजद प्रत्याशी के नामांकन के बाद सासाराम शहर के पश्चिमी क्षेत्र में जनसभा का भी आयोजन किया गया.

जनसभा में कृष्ण कुमार सिंह के समर्थन में रोहतास व कैमूर जिले के सात राजद विधायक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह ने भी पंचायत प्रतिनिधियों को संबोधित किया. मंच पर राजद विधायक सुधाकर सिंह, संगीता कुमार, विजय मंडल, माले विधायक अरुण सिंह एवं अन्य मौजूद थे. राजद प्रत्याशी जब नामांकन करके डीएम सह निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय से बाहर निकले तो उन्होंने कोई माला नहीं पहना था, उनका कहना था कि वे एक ही बार जीत का माला पहनेंगे.

कृष्ण कुमार सिंह रोहतास सह कैमूर स्थानीय प्राधिकार विधान परिषद का दो बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं, अब तीसरी बार मैदान में हैं. 2003 के चुनाव में रोहतास-कैमूर सीट से कृष्ण कुमार सिंह निर्दलीय उम्मीदवार थे. राजद के विजय मंडल को नजदीकी मुकाबले में हराकर चुनाव जीते थे. 2009 में वे पुनः एनडीए समर्थित उम्मीदवार थे और राजद के मुन्ना राय को हरा दूसरी बार एमएलसी बनने में सफल रहे थे. 2015 में कृष्ण कुमार सिंह ने पारिवारिक कारणों से एमएलसी का चुनाव नहीं लड़ा. इस बार वो राजद से मैदान में हैं.

इधर एनडीए के प्रत्याशी संतोष सिंह ने भी सोमवार को जिलाधिकारी सह निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय में नामांकन किया. जिनके साथ राज्य के पीएचइडी मंत्री राम प्रित पासवान एवं विधान पार्षद निवेदिता सिंह, भाजपा के रोहतास जिलाध्यक्ष सुशील कुमार एवं कैमूर जिलाध्यक्ष मनोज जयसवाल भी थे. नामांकन के बाद संतोष सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि गत बार की तरह इस बार भी उनकी जीत तय है. मंत्री रामप्रित सिंह ने कहा कि पंचायत जनप्रतिनिधि पीएम नरेंद्र मोदी के सबका साथ-सबका विकास नारे को चरितार्थ करने के लिए एनडीए प्रत्याशी को विजयी बनाएंगे.

संतोष सिंह के नामांकन के बाद ताराचंडी के मैदान में जनसभा का आयोजन किया गया. जनसभा में भवन निर्माण मंत्री डॉ अशोक चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय, पंचायती राज मंत्री सम्राट चौधरी, जदयू के संसदीय बोर्ड के अध्‍यक्ष उपेंद्र कुशवाहा एवं अन्य मौजूद थे. उल्लेखनीय है कि निवर्तमान विधान पार्षद संतोष सिंह गत विधान परिषद चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में विजयी हुए थे. उस समय उन्होंने राजद एवं जदयू के महागठबंधन के उम्मीदवार को पराजित किया था. इस बार वे एनडीए के प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं. उसंतोष सिंह के भाई आलोक सिंह जदयू के नेता है. इसलिए इन्हें दोनों दलों के समर्थक पंचायत प्रतिनिधियों के समर्थन की उम्मीद है.

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