अधर में लटकी सासाराम स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी, सांसद के शिलान्यास के बाद भी नहीं हुआ निर्माण

सासाराम रेलवे स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी लगाने का कार्य मात्र शिलान्यास तक सिमट कर रह गया है. दिव्यांगों एवं बुजुर्गों को एक से दूसरे प्लेटफार्म पर आने-जाने के लिए सासाराम रेलवे स्टेशन पर लगाया जाने वाला एस्कलेटर (स्वचलित सीढ़ी) का निर्माण कार्य डेढ़ वर्ष बाद भी शुरू नहीं हो सका है. जबकि निविदा निकाले भी एक साल बीत गए है. इससे उन यात्रियों के सपने पूरे नहीं हो पा रहे हैं जो एस्कलेटर से प्लेटफार्मों पर जाने का सपना देख रहे थे. वहीं नए फुट ओवरब्रिज का कार्य भी अधूरा पड़ा है.

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हालांकि यात्री सुविधाओं में वृद्धि को ले यहां पर कई योजनाएं पूरी हुई है, लेकिन उसमें से कई का काम अधूरा पड़ा है तो कुछ का कार्य अभी तक शुरू नहीं हो सका है. जिससे यात्रियों को उसका लाभ फिलहाल नहीं मिल पा रहा है. जबकि विभागीय अधिकारी व जनप्रतिनिधि यात्रियों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने का आए दिन वादा करते रहे हैं.

फाइल फोटो: सासाराम स्टेशन पर स्वचालित सीढ़ी का शिलान्यास करते स्थानीय सांसद

गौरतलब है कि बीते वर्ष आठ मार्च को स्थानीय सांसद छेदी पासवान ने एस्कलेटर निर्माण को ले आधारशीला रखी थी. उस वक्त सांसद एवं अधिकारियों ने जल्द ही एस्कलेटर लगाने का कार्य पूरा होने का वादा किया था, ताकि उसका लाभ यात्रियों को मिल सके. लेकिन अब एक साल होने को है फिर भी एस्कलेटर लगाने का कार्य प्रारंभ नहीं किया जा सका है. इससे खासकर बुर्जुग और बीमार यात्रियों को काफी परेशानी हो रही है. बता दें कि 2019 में हुए स्वच्छ रेल सर्वे में सासाराम तेजी से विकास करने वाला देश का पांचवां रेलवे स्टेशन बनने का गौरव भी हासिल किया था.

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