अब एक क्लिक पर घर बैठे देखें अपनी FIR की कॉपी, डिजिटल नेटवर्क से जुड़े रोहतास के सभी थाने

फाइल फोटो: रोहतास में एसपी के नेतृत्व में पुलिसकर्मियों को ऑनलाइन से संबंधित ट्रेनिंग

बिहार में अब एक क्लिक पर आप ऑनलाइन एफआईआर की कॉपी देख सकते हैं. दरअसल बिहार पुलिस के थाने अब दर्ज एफआईआर की कॉपी और फाइलों से बाहर आकर डिजिटल हो गए हैं. आप अपने लैपटॉप या मोबाइल में दर्ज एफआईआर से जुड़ी सारी जानकारी हासिल कर सकते हैं. इसके लिए आपको एससीआरबी यानी स्टेट क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के वेबसाइट scrb.bihar.gov.in पर जाना होगा. इसके बाद जिला और फिर अपने थाना का नाम चयन कर आप न केवल एफआईआर की कॉपी देख सकते हैं बल्कि उसे डाउनलोड कर प्राप्त भी कर सकते हैं. इसमें प्राथमिकी संख्या के अलावा जिस दिन प्राथमिकी दर्ज हुई होगी उस दिन की तारीख भी होगी. इसके अलावा शिकायतकर्ता का नाम और आरोपित का पूरा पता भी होगा.

क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम के तहत रोहतास जिले के सभी थानों को जोड़ना है. फिलहाल 29 थाने इससे जुड़ चुके हैं और अगले एक-दो महीने में बाकी के थाने भी इस नेटवर्क से जुड़ जाएंगे. इसका मकसद पुलिस के काम में पारदर्शिता लाने के अलावा कार्यप्रणाली में सुधार करना है. एससीआरबी के वेबसाइट पर एफआईआर की कॉपी के साथ आम लोगों को कई अन्य चीजों की भी जानकारी मिल सकेगी. इसमें संबंधित जिले थाने या कांड में गिरफ्तार व्यक्ति से जुड़ी भी जानकारी मिल सकेगी. इसके अलावा केस की जांच कर रहे पुलिस अधिकारी और उसके पद की सारी जानकारी मिल जाएगी. साथ ही जिले और थाना क्षेत्र से लापता व्यक्तियों तथा अज्ञात शवों की भी जानकारी ऑनलाइन शेयर की गई है. हथियारों के खोने या फिर चोरी होने से जुड़ी जानकारी भी यहां पर मिल सकेगी.

इसके अलावा जिले के लिए अलग से भी rohtaspolice.bihar.gov.in वेबसाइट बनाया गया है. रोहतास पुलिस की इस वेबसाइट पर चरित्र प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन हो सकेगा. इसके अलावा लोग ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं. इसके लिए पुलिसकर्मियों ट्रेनिंग भी दी गई है. जल्द ही यह वेबसाइट जिलेवासियों के लिए शुरू होगा. हालांकि बिहार पुलिस में राज्यस्तर पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करने की सुविधा पहले से उपलब्ध है. इस संबंध में एसपी आशीष भारती ने बताया कि पुलिस हित व जनहित में यह सिस्टम महत्वपूर्ण है. इस सिस्टम के चालू होने से पुलिस के कार्यों में पारदर्शिता होने के साथ अपराध नियंत्रण व अनुसंधान में सहूलियत मिलेगी. इस सिस्टम से आमजन को भी पूरा लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा कि समय के अनुसार इस तरह के बदलाव की जरूरत थी, जिससे आम लोगों को किसी भी तरह की असुविधा न हो और उनकी समस्याओं का तत्काल निपटारा हो सके.

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