रोहतास: जीएनएस विवि परिसर में हुआ पौधारोपण, पर्यावरण संरक्षण की दिलाई गई शपथ

विश्व पर्यावरण दिवस पर शनिवार को विश्व पर्यावरण दिवस पर विविध कार्यक्रमों के जरिए लोगों को प्रकृति से यारी निभाने को जागरुक किया गया. कहीं पौधारोपण तो कहीं वेबिनार के लिए लोगों को पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने की कोशिश की गई. जमुहार स्थित गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न संस्थानों द्वारा वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर संस्थान के नारायण कृषि विज्ञान संस्थान के तत्वाधान में पर्यावरण विषय पर ऑनलाइन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया. नारायण कृषि विज्ञान संस्थान के तत्वावधान में संस्थान के प्रबंध निदेशक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने आम का पौधा लगाया और आजीवन उसके संरक्षण का संकल्प लिया.

उन्होंने संस्थान के सभी अधिकारियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों से अपील की कम से कम एक वृक्ष जरूर लगाएं और उसकी रक्षा की जिम्मेदारी लें ताकि पर्यावरण अनुकूल हो एवं इसका लाभ सभी को प्राप्त हो. नारायण स्कूल ऑफ ला के तत्वावधान में भी वृक्षारोपण का कार्यक्रम किया गया जिसमें निदेशक प्रोफेसर राकेश वर्मा तथा शिक्षक डॉ संजय कुमार सिंह ,सिमल कुमार सिंह, देवेश कुमार ,सैयद अमीर अली ,कुमारी दीपाली सिन्हा, सुकेश कुमार दशरथ राम, सुदामा भगत आदि उपस्थित थे. सभी ने एक-एक पौधा लगाया और जीवन पर्यंत पर्यावरण संरक्षण की प्रतिज्ञा ली. इस अवसर पर पर्यावरण के अनुकूलता को लेकर वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉक्टर एसपी सिंह द्वारा वर्चुअल लेक्चर प्रस्तुत किया गया तथा नारायण कृषि विज्ञान संस्थान के द्वारा आयोजित पर्यावरण क्विज में लगभग एक हजार से अधिक छात्रों ने भाग लिया.

वहीं, विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा आयोजित एक वेबिनार में विश्वविद्यालय के सचिव गोविंद नारायण सिंह ने कहा कि जीवन के बदलते परिवेश में सुखमय जीवन की कल्पना तभी की जा सकती है जब आपके आस पास का वातावरण स्वच्छ और सुंदर हो. इसके लिए पहली शर्त है कि हमारा पर्यावरण संरक्षित रहे ताकि स्वस्थ जीवन हो और हम निरोग रहें. उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण हमारी संस्कृतिक और नैतिक जिम्मेदारी है. विश्वविद्यालय इसमें पहल कर रहा है. कार्यक्रम में अध्यक्षता करते हुए प्रबंधन विभाग के डीन प्रो आलोक कुमार ने कहा कि पर्यावरण का गिरता स्तर आज चिंता का विषय है, जिसे नियंत्रित करना आवश्यक है. मृदा अपरदन को रोककर और नए पौधों को लगाकर गिरते पर्यावरण को रोक जा सकता है.

पत्रकारिता एवं जनसंचार के विभागाध्यक्ष डॉ अमित मिश्रा ने पर्यावरण के कारण हुए विपरीत प्रभाव पर चिंता जाहिर किया और कहा कि कोरोना जैसे महामारी का मुख्य कारण पर्यावरण का बिगड़ना है. हम सभी को पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देना चाहिए क्योंकि यह कहीं न कहीं हमारे संस्कृति और संस्कार दोनों से जुड़ा है. प्रकृति के साथ रहकर पर्यावरण संक्षरित किया जा सकता है। इसके लिए संकल्पित होकर वृक्षारोपण करें. वहीं आईटी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि वृक्षारोपण तो करना ही चाहिए साथ ही हमें अपनी आदतों को भी बदलने की आवश्यकता है. पर्यावरण का संरक्षण हमारे जीवन का हिस्सा होना चाहिए.

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