रोहतास के सुदूरवर्ती पहाड़ी क्षेत्र में डीएम ने बच्चों को समझाया पढ़ाई का महत्व, टाट पर बैठ साथ में खाया खिचड़ी; जांच के बाद सीडीपीओ समेत 5 की वेतन पर रोक, पीडीएस दुकान की अनुज्ञप्ति रद्द

रोहतास जिले में डीएम धर्मेन्द्र कुमार ने शनिवार को जिले के सबसे सुदूरवर्ती एवं पर्वतीय प्रखंड नौहट्टा प्रखंड में जिलास्तरी व क्षेत्रीय पदाधिकारियों के जांच दल के साथ सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी एवं विकासपरक योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन की औचक निरीक्षण की गई. इस क्रम में खुद डीएम ने पहाड़ी क्षेत्र के विद्यालयों का भी निरीक्षण किया और बच्चों को पढ़ाया भी.

डीएम ने राजकीय मध्य विद्यालय परछा में छात्रों को अंग्रेजी व गणित पढ़ाया. बच्चों को अंग्रेजी में कमजोर पाए जाने के बाद वहां पर नए शिक्षक की व्यवस्था करने का निर्देश दिया. इसके बाद डीएम कैमूर पहाड़ी के दुर्गम क्षेत्र में स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय बेलदुरिया में पहुंचे और विद्यालय का निरीक्षण किया. जहां उन्होंने बच्चों को पढ़ाया और बच्चों के साथ चाट पर बैठकर खिचड़ी-चोखा भी खाया. अपने साथ जिले के सबसे बड़े साथ अधिकारी को खाना खाता देख, बच्चों में भी खासा उत्साह देखा गया.

डीएम ने तियरा कला पंचायत के स्वास्थ्य उप केंद्र का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की अद्यतन स्थिति से रूबरू हो एएनएम के कार्यों की प्रशंसा की. डीएम नौहट्टा प्रखंड के अंतिम छोर तक गए जो जिले के साथ राज्य का भी अंतिम छोर है और उसके बाद उत्तर प्रदेश राज्य का सोनभद्र जनपद आ जाता है. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सीमा पर बिहार राज्य का बोर्ड लगवाने का भी निर्देश दिया, जिस प्रकार उत्तर प्रदेश की ओर बोर्ड लगा था. डीएम ने पंडुका में सोन नद पर बन रहे पंडुका पुल का स्थलीय जायजा लिया गया. जहां निर्माण कार्य में लगे कंपनी को कई निर्देश दिए.

नल-जल योजनाओं की जांच कर पहाड़ी इलाकों के लिए अधिक क्षमता वाले पंप लगवाने एवं आवश्यकतानुसार डीप बोरिंग करवाने का निर्देश पीएचईडी के कार्यपालक अभियंता को दिया. इस दौरान रास्ते में डीएम को कई ग्रामीणों ने विभिन्न योजनाओं की शिकायतें की. जांच के बाद मुख्यालय वापस आकर डीएम ने सभी जांच दलों से उनके जांचों की प्रारंभिक रिपोर्टें प्राप्त कर उनकी समीक्षा की एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए एवं कार्य मे शिथिलता व लापरवाही बरतने वाले कर्मियों से स्पष्टीकरण एवं अन्य अनुशासनात्मक कार्रवाई का भी निर्देश दिया.

जांच रिपोर्ट के आधार पर नौहट्टा प्रखंड के सीडीपीओ, मनरेगा के कार्यक्रम अधिकारी, पीएचईडी के कनीय अभियंता समेत कई लोगों के वेतन निकासी पर डीएम ने रोक लगा दी है, सभी से शो-कॉज भी पूछा गया है. नौहट्टा प्रखंड के शाहपुर पंचायत, तिलहर पंचायत तथा अन्य पंचायतों में संचालित आंगनबाड़ी केंद्र में पंजी संधारण संबंधी अनियमितता को लेकर बाल विकास परियोजना पदाधिकारी नौहट्टा सीमा कुमारी से शो-कॉज करते हुए अगले आदेश तक उनके वेतन निकासी पर रोक लगाई गई है.

जबकि सूरज खुर्द पंचायत अंतर्गत संचालित आंगनबाड़ी केंद्र की सहायिका पुष्पा देवी की अनुपस्थिति की शिकायत स्थानीय लोगों द्वारा प्राप्त हुई, जिसको लेकर इनसे कारण पृच्छा करते हुए अगले आदेश तक उनके वेतन पर रोक लगाई गई. साथ ही असंतोषजनक जवाब प्राप्त होने पर उनके चयन मुक्त करने की भी कार्रवाई की जाएगी. मनरेगा योजना अंतर्गत वृक्षारोपण तथा अन्य योजनाओं में अनियमितता को लेकर कार्यक्रम पदाधिकारी, मनरेगा तथा पंचायत रोजगार सेवक, शाहपुर पंचायत को शोकॉज करते हुए अगले आदेश तक वेतन पर रोक लगाई गई है. बंद पाए गए दो पीडीएस डीलरों का अनुज्ञप्ति रद्द करने का निर्देश दिया गया है.

नौहट्टा प्रखंड में वर्ष 2021 में विभिन्न स्थानों पर चापाकल लगाए गए थे परंतु कई स्थानों से चापाकलों के खराब होने की शिकायत प्राप्त हुई है. इस संबंध में लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण के कनीय अभियंता ईश्वरी प्रसाद के वेतन निकासी पर अगले आदेश तक रोक लगाई गई है. साथ ही कार्यपालक अभियंता लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण श्री समी अख्तर को निर्देश दिया गया कि उक्त कनीय अभियंता के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई प्रारंभ की जाए.

वहीं, कुल 46 वार्डों में विभिन्न पेयजल योजनायें संचालित हैं जिनकी क्रियाशीलता के संबंध में अगले दो दिनों में प्रतिवेदन उपलब्ध कराने के लिए बीडीओ नौहट्टा को निर्देश दिया गया है. सात निश्चय अंतर्गत नल जल योजना में प्राप्त शिकायतों तथा प्रखंड अंतर्गत जल संकट को देखते हुए नियमित जलापूर्ति के लिए वार्डों में अधिक चापाकल स्थापित करने तथा नल जल योजना को अगले एक सप्ताह के अंदर क्रियाशील करने के लिए जिला पंचायती राज पदाधिकारी को निर्देश दिया गया है.

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