रोहतास में रिश्वत लेते उत्पाद विभाग के चार सिपाही समेत पांच गिरफ्तार

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के सपने को सकार करने के बजाय कुछ पुलिसकर्मी शराबबंदी से माल उगाही करने में लगे हैं. इसमें उत्‍पाद विभाग के अफसर और सिपाहियों की भूमिका कई बार उजागर हुई है. इस बीच रोहतास एसपी आशीष भारती के नेतृत्व ने पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है. फर्जी छापेमारी कर शराब तस्कर से 20 हजार रुपये वसूली करते उत्पाद विभाग के तीन सिपाही व एक उत्पाद आरक्षी के अलावा एक लाइनर को बुधवार को पुलिस ने रंगेहाथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया.

एसपी आशीष भारती ने बताया कि 10 सितंबर को सासाराम शहर के गुरुद्वारा रोड स्थित विक्रम कुमार के घर में उत्पाद विभाग के सिपाही राजीव कुमार, सिपाही कविन्द्र एवं सिपाही शिवपूजन कुमार के द्वारा शराब बरामदी के लिए छापेमारी किया गया था. छापेमारी के दौरान कुछ शराब मिली थी. छापेमारी के बाद तीनों सिपाहियों द्वारा केस नहीं करने एवं तस्करों को लाभ पहुंचाने के लिए गृहस्वामी विक्रम पर डेढ़ लाख रुपए की मांग की गई. जिसमें से एक लाख रूपये उसी दिन विक्रम कुमार के द्वारा तीनों सिपाहियों को रिश्वत दिया गया था. शेष 50 हजार रुपया देने के लिए उत्पाद विभाग के उपरोक्त तीनों सिपाही विक्रम पर दबाव बना रहे था.

उन्होंने बताया कि गुप्त सूचना मिली कि शराब तस्करों को लाभ पहुंचाने के एवज में उत्पाद विभाग के कुछ कर्मी रकम लेने के लिए विक्रम कुमार को सासाराम नगर थाना क्षेत्र के बस्ती मोड़ के पास बुलाया गया है. जिसके बाद रणनीति बनाया और बस्ती मोड़ के पास सादे लिबास में पुलिसकर्मियों की विशेष टीम को तैनात कर दिया गया था. जहां से शराब मामले में रिश्वत लेते हुए उत्पाद विभाग के सिपाही राजीव कुमार एवं उत्पाद विभाग के गृहरक्षक राजेश कुमार पांडेय को बीस हजार रूपये के साथ गिरफ्तार किया गया है.

गिरफ्तार दोनों कर्मियों के द्वारा बताया गया कि एक लाख रूपये का बंटवारा उत्पाद विभाग के अन्य सिपाही कविन्द्र कुमार, सिपाही शिवपूजन कुमार एवं लाईनर धीरज गोस्वामी के बीच किया गया था, जिनलोगों के घर व पॉकेट से 39 हजार 50 रुपया बरामद करते हुए गिरफ्तार किया गया है. एसपी ने बताया कि इस दौरान 59 हजार 50 नगद रुपया, छह मोबाइल व एक बाइक बरामद किया गया है. उन्होंने बताया कि दोषी सिपाहियों की बर्खास्तगी के लिए संबंधित विभाग को लिखा जाएगा. उन्होंने कहा कि मध निषेध का कानून में काफी गंभीर प्रावधान है, इसप्रकार से कोई सरकारी पद का गलत रूप से इस्तेमाल करता है तो उनको कड़ी से कड़ी सजा देने का उसमें प्रावधान है. पुलिस की इस कार्रवाई से विभाग में हड़कंप सा मच गया है.

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