परिनिर्वाण दिवस पर बाबा साहब को किया गया याद, दी श्रद्धांजलि

रविवार को जिलेभर में डा. भीमराव अम्बेडकर के 64 वें महापरिनिर्वाण दिवस पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजित कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए. डेहरी के अम्बेडकर चौक स्थित बाबा साहब के आदमकद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर लोगों ने याद किया.

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भारत के संविधान के प्रमुख वास्तुकार एवं दलित आदर्श अम्बेडकर का 6 दिसंबर 1956 को निधन हुआ था. महापरिनिर्वाण दिवस पर विभिन्न संगठनों ने उन्हें याद किया. उनकी आत्मकथा प्रतिमा पर माल्यार्पण कर रविवार को श्रद्धांजलि अर्पित की गई. वक्ताओं ने कहा कि उनके विचार और आदर्श लाखों लोगों को शक्ति प्रदान करते हैं हमारे राष्ट्र के लिए उन्होंने जो सपने देखे थे हम उन्हें पूरा करने के लिए कटिबद्ध है.

डेहरी के अम्बेडकर चौक स्थित बाबा साहब के आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने करने के बाद बहुजन आर्मी बिहार -झारखंड के प्रभारी भैयाराम भारती ने कहा कि बाबा साहेब भीम राव अम्बेडकर सामाजिक क्रांति के महानायक थे. वहीं सम सोसाइटी ऑफ  इन्डिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष गिरजाधारी पासवान ने कहा कि बाबा साहेब ने दलित, शोषित, गरीब मजदूरों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया तथा उनके बताए हुए सिद्धांतों पर चलने के लिए संकल्प लिया. उन्होंने कहा कि बाबासाहेब के अधूरे भारत निर्माण के सपनों को पूरा करना है.

तिलौथू में महापरिनिर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम

परिनिर्वाण दिवस को ले सासाराम के कुशवाहा सभा भवन में संविधान चर्चा समिति व लोक दृष्टि बिहार के संयुक्त तत्वावधान में संविधान के समक्ष चुनौतियां व समाधान विषय पर रविवार को सेमिनार का आयोजन किया गया. अध्यक्षता समाजसेवी सत्यनारायण स्वामी व संचालन संविधान चर्चा समिति के संयोजक सह पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता सुनील कुमार सिंह ने किया. सेमिनार का उद्घाटन यूपी के पूर्व मंत्री राकेश कुमार मौर्य व कांग्रेस नेता प्रवीण सिंह कुशवाहा द्वारा दीप जलाकर किया गया. बाबा साहेब के चित्र पर पुष्प अर्पित किया गया.

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