रोहतास में महिला थाने में पुलिस ने कराई प्रेमी युगल की शादी

जब मैंने साथी को पाया, दिल में मेरे उल्लास उठी, नस नस में उग्र प्रवाह उठी, मन मंदिर में जिसने आकर, कर दी थी शीतल छाया, जब मैंने साथी को पाया.. शायद इन्हीं पंक्तियों को आज साकार होते जिले के डेहरी महिला थाना परिसर में सैकड़ों लोगों ने देखा. मामला था एक प्रेमी जोड़े के मिलन का. जब समाज के साथ-साथ परिवार वाले भी इस युगल के प्यार में दीवार बन रहे थे तो इस जोड़े को न्याय दिलाने का बीड़ा उठाया महिला थाने ने. जब पुलिस के भी काफी समझाने पर परिवार वाले नहीं माने तो अंत में शुक्रवार को थाना परिसर में ही पुलिसकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में दोनों की शादी करा दी गई.

महिला थनाध्यक्ष की देख-रेख में मंत्रोच्चारण की गूंज के बीच प्रेमी-प्रेमिका ने एक दूसरे को वरमाला पहनाया. इसके बाद प्रेमी ने प्रेमिका की मांग में सिंदुर भरा और दोनों हमेशा के लिए एक हो गए. इस शादी में जाति को लेकर आ रहे अड़चन की वजह से प्रेमी-के परिजन मौके पर मौजूद नहीं रहे तो थानाध्यक्ष माधुरी कुमारी ने ही कन्यादान की रस्म पूरी की. जबकि लड़की पक्ष से थाने के सभी पुलिसकर्मी तथा शहर के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने लड़का पक्ष के बाराती की भूमिका में रहे. थाने में हुई ये शादी पूरे दिन इलाके में चर्चा का विषय बनी रही.

महिला थाना की थानाध्यक्ष माधुरी कुमारी ने बताया कि टंड़वा गांव के प्रेमी अभयकांत एवं पडुहार गांव की प्रेमिका प्रियंका के बीच कई सालों से प्रेम संबंध था, लेकिन लड़के और लड़की वाले का परिवार शादी के पक्ष में नहीं था. अंततः लड़की ने इसकी शिकायत महिला थाना में दर्ज कराई. महिला थाना की थानाध्यक्ष माधुरी कुमारी ने लड़की की शिकायत पर लड़के को थाना बुलाया. जहां लड़के ने अपनी तरफ से शादी की सहमति जताई. दोनों की शादी की सहमति के बाद तत्काल थाना परिसर में ही शादी कराने का निर्णय लिया गया. आनन-फानन में शादी के सामान जुटाया गया और पंडित जी को बुलाया गया. जिसके बाद हिंदू रीति रिवाज के मुताबिक दोनों की विधिवत शादी कराई गई. महिला थानाध्यक्ष, महिला पुलिसकर्मियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं की मौजूदगी में प्रेमी युगल विवाह बंधन में बंध गए. लड़का और लड़की दोनों के पक्ष से दोनों के भाई शादी कार्यक्रम में उपस्थित थे. महिला थाना में हुई शादी के बाद दुल्हन को लेकर प्रेमी दूल्हा अपने घर की ओर रवाना हो गया.

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