रोहतास: जिस स्कूल में पढ़े थे शहीद मुन्ना, उस स्कूल में आईटीबीपी जवानों ने बनाया स्मारक

अरुणांचल प्रदेश के भारत चीन बॉर्डर बसर से 16 सितंबर 2019 को गश्त लगा कर लौट रहे आईटीबीपी के जवान मुन्ना कुमार लैंड स्लाइड का शिकार हो गहरी खाई में गिर गए थे. शहीद साथी की याद को जीवंत रखने के लिए आईटीबीपी के जवानों द्वारा उनके विद्यालय बिक्रमगंज के बड़कागांव रकसियां उच्च विद्यालय में स्मारक बनाया गया. 6वीं वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल कोठेया जलालपुर छपरा से 10 जवानों की टीम ने मिलकर दस दिनों में यह स्मारक बनाया है.

मौके पर आईटीबीपी के पदाधिकारियों द्वारा उनके सेवा काल की उपलब्धियों को बताया गया. कार्यक्रम के आयोजक छठी वाहिनी भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल कोठेया जलालपुर छपरा की ओर से मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए. सहायक सेनानी गुंजन कुमार ने बताया कि सिपाही मुन्ना कुमार काफी कर्मठ सिपाही थे. उन्होंने 6 दिसम्बर 2008 को आईटीबीपी के 17 बीएन बटालियन में योगदान किया था. जिनकी पहली पोस्टिंग हिमाचल प्रदेश के रेकांगपिओ में हुई थी और उनकी शहादत 4 अक्टूबर 2019 को अरुणांचल प्रदेश के बसर में हुई थी.

बताया कि सिपाही मुन्ना कुमार कितने कर्मठ थे, आप इसी से अंदाजा लगा सकते है कि महज 11 वर्ष की सेवा अवधि में ही उन्हें आईटीबीपी की ओर से पुलिस सेवा मेडल से नवाजा गया था. उन्होंने कहा कि 11 साल की सेवा में 10 रिवार्ड और 3 गुड सर्विस रिवार्ड से उन्हें नवाजा गया था. शिलाप्लेट पर उनकी इसी उपलब्धि को दर्शाया गया है. सहायक सेनानी ने बताया कि उनके विद्यालय में उनका स्मारक बनाना और शिलाप्लेट लगाने का मुख्य मकसद यही है कि मुन्ना की जीवनी से सीख लेते हुए युवाओं को सेना के विभिन्न अंगों में सेवा के लिए जरूर भेजे.

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