दुर्गावती जलाशय योजना पर अब 1263 करोड़ खर्च करेगी सरकार, 1976 में 25 करोड़ का था प्रोजेक्ट

दुर्गावती जलाशय योजना पर अब 1263.30 करोड़ रुपए खर्च होंगे. योजना के पंचम पुनरीक्षित प्राक्कलित राशि को कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में दुर्गावती जलाशय योजना के लिए 48 करोड़ 42 लाख रुपये खर्च करने की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. वर्ष 1976 में इस योजना के लिए 25.30 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई थी. सामग्री व श्रम की लागत बढ़ने के कारण वर्ष 2009 में 1064.28 करोड़ रुपए का चतुर्थ पुनरीक्षित प्रशासनिक व व्यय की स्वीकृति दी गयी. अब इसमें पंचम पुनरीक्षित प्राक्कलित राशि के तहत बढ़ोतरी की गई है.

बिहार सरकार के जल संसाधन व सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री संजय कुमार झा ने बताया कि दुर्गावती जलाशय योजना की पंचम पुनरीक्षित प्राक्कलित राशि एक हजार दो सौ तिरसठ करोड़ तीस लाख सत्रह हजार रुपये है. योजना को मार्च 2024 तक पूर्ण करने का लक्ष्य है. योजना पर अब तक 1214.88 करोड़ रुपये का व्यय हो चुका है. शेष कार्यों को मार्च 2024 तक पूर्ण करने के लिए तेजी से कार्य किए जा रहे हैं. बताया कि योजना के तहत डैम, दायां मुख्य नहर, बायां मुख्य नहर, दुर्गावती दायां मुख्य नहर में 34.50 किमी सेवा पथ का कालीकरण तथा प्रस्तावित वितरणी और लघु नहर का कार्य पूर्ण हो चुका है तथा स्पील चैनल के बैंक एवं बेड में बोल्डर पीचिंग का कार्य (चेन 340 मीटर से 840 मीटर तक), दुर्गावती दायां मुख्य नहर में 20 इनलेट एवं 4 आउटलेट का निर्माण, हेड रेगुलेटर का सुरक्षात्मक कार्य, दुर्गावती दायां मुख्य नहर के 2.70 किमी से 3.10 किमी तक दनदनवा नाला के पास मुख्य नहर में सुरक्षात्मक कार्य, कच्चा चैनल निर्माण, ब्रीज एबटमेंट प्रोटेक्शन कार्य एवं योजना अंतर्गत अन्य अवशेष स्वीकृत कार्य का कार्यान्वयन किया जा रहा है.

दुर्गावती नदी पर निर्मित कुदरा वीयर को सुनिश्चित जलश्राव उपलब्ध कराने तथा कैमूर एवं रोहतास जिलान्तर्गत भगवानपुर, रामपुर, चेनारी, शिवसागर, सासाराम प्रखंड के 32467 हेक्टेयर अतिरिक्त कृष्य कमाण्ड क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कुदरा वीयर के 27.00 किमी अपस्ट्रीम में दुर्गावती जलाशय का निर्माण वर्ष 1975 में प्रस्तावित किया गया था. दुर्गावती जलाशय योजना के कार्यान्वयन के लिए वर्ष 1976 में स्वीकृति प्रदान की गई थी. योजना के कार्यान्वयन के दौरान समय-समय पर विभागीय उच्चाधिकारियों एवं केन्द्रीय जल आयोग के सदस्यों द्वारा स्थल निरीक्षणोपरान्त दिए गए निर्देश के क्रम में योजनान्तर्गत अतिरिक्त कार्यों के सृजन हेतु केन्द्रीय जल आयोग द्वारा 12 मार्च 2019 को फास्ट ट्रैक परफॉर्मा क्लीयरेंस (एफटीपीसी) के अंतर्गत 1207.392 करोड रुपये की पुनरीक्षित प्राक्कलन की स्वीकृति संसूचित की गई है.

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