रोहतास में दहेज हत्या मामले में पति को आजीवन कारावास, देवर, ससुर व चाचा को भी सजा; सात साल बाद कोर्ट ने सुनाई सजा

सासाराम व्यवहार न्यायालय ने दहेज हत्या से जुड़े करीब सात साल पुराने एक मामले में सुनवाई करते हुए मंगलवार को चार दोषी को सजा सुनाई है. सजा के बिंदु पर सुनवाई करते हुए एडीजे पंद्रह शैलेन्द्र कुमार पंडा की अदालत ने मामले में मृतिका के पति झंडू उर्फ भंडू राम को आजीवन कारावास, देवर अरविंद राम को दस साल एवं ससुर मुद्रिका राम व चाचा जागा राम को सात-सात साल के कैद की सजा सुनाई है.

इस मामले में अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अपर लोक अभियोजक लक्ष्मण राय ने बताया कि इस मामले की प्राथमिकी दावथ थाना कांड संख्या 201/2015 में दर्ज हुई थी. जिसका ट्रायल सत्र वाद संख्या 116/2016 में चल रहा था. उक्त मामले की प्राथमिकी मृतका की मां कुसुम कुंवर ने दावथ थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई थी. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार कुसुम कुंवर की पुत्री कंचन देवी की शादी साल 2014 में अभियुक्त झंडू उर्फ भंडू राम से हुई थी.

शादी के बाद से ही सभी अभियुक्त दहेज में मोटरसाइकिल व भैंस की मांग कर रहे थे. मांग पूरा नहीं होने पर 30 अक्टूबर 2015 की रात्रि में कंचन देवी की गला दबा कर हत्या कर दिया गया था एवं साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को धरकंदा गांव के नजदीक ठोरा नदी में फेंका गया था. जिसे अनुसंधान के क्रम में स्थानिय पुलिस द्वारा बरामद कर लिया गया था. इस मामले में डॉक्टर आईओ समेत कुल छह लोगों की गवाही हुई थी, जिन्होंने घटना का समर्थन किया था. जिसके बाद कोर्ट ने मंगलवार को दोषी को सजा सुनाई है.

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