रोहतास में कोर्ट ने सुनाई सजा: अलग-अलग मामलों में दो को अर्थदंड के साथ उम्रकैद

रोहतास में कोर्ट ने सात वर्षीय बच्‍चे से अप्राकृतिक यौनाचार और 16 वर्षीय किशोर का अपहरण कर हत्‍या के अलग-अलग मामले में दोषियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही अर्थदंड भी लगाया गया है. चेनारी थाना क्षेत्र के एक गांव में एक साल पूर्व सात वर्षीय बच्चे के साथ हुए अप्राकृतिक यौनाचार हुआ था. शुक्रवार को एडीजे छह सह विशेष न्यायाधीश (पाक्सो) आशुतोष कुमार की अदालत ने चोरही निवासी दोषी लोरिक यादव को 25 हजार रुपये अर्थदंड सहित आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. विशेष लोक अभियोजक शाहिना कमर ने बताया की उक्त घटना 18 अप्रैल 2020 को चेनारी थाना क्षेत्र के एक गांव में घटी थी. कोर्ट ने पीड़ित पक्षकार को अर्थदंड की राशि में से पंद्रह हजार रुपये एवं मुआवजा अधिनियम के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकार को पांच लाख रुपये मुआवजा की राशि दिलाने का आदेश जारी किया है.

वहीं हत्या के एक मामले में सुनवाई करते हुए एडीजे पंद्रह बीके राय की अदालत ने दावथ थाना के कवई गांव का निवासी सजायाफ्ता बालमित्र कुमार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. उसपर दस साल पूर्व अपने ही गांव के 16 वर्षीय किशोर अधिश्वर कुमार की हत्‍या का आरोप था. प्राथमिकी मृतक किशोर के पिता विजय कुमार सिंह ने दावथ थाना में 2012 में एफआईआर दर्ज कराई थी. अपर लोक अभियोजक रमेश कुमार रमन ने बताया कि कवई गांव में 16 नवंबर 2011 को बालमित्र कुमार अपने साथी के साथ मिलकर अधिश्वर को मोटरसाइकिल से कहीं ले गया. रात्रि तक जब अधिश्वर घर नहीं लौटा तो परिजन उसकी तलाश करने लगे. इसी क्रम में जब परिजन बालमित्र के घर गए तो उसने अधिश्वर को कहीं और जाने की बात बताई.

जांच के क्रम में जब पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर पूछताछ करने लगी तब अभियुक्त ने अधिश्वर की हत्या करने की बात स्वीकारा. जिसकी निशानदेही पर पुलिस ने सासाराम से सटे ताराचंडी मंदिर के उपरी पहाड़ी से एक नरमुंड एवं फूलपैंट व शर्ट बरामद किया. परिजनों की शिनाख्त के बाद इस मामले का खुलासा हो सका. कोर्ट ने भारतीय दंड विधान की धारा 302 में उम्रकैद, धारा 201 में तीन साल जेल एवं धारा 364 में 10 साल के कारावास की सजा सुनाई है. तीनों सजा साथ-साथ चलेगी. साथ ही अभियुक्त पर कोर्ट ने 75 हजार के अर्थदंड भी लगाए हैं. जिसे अदा नही करने पर छह साल अतिरिक्त सजा भुगतना पड़ेगा. पुलिस एवं अदालत के कार्रवाई पर पीड़ित के परिवार एवं उसके रिश्तेदारों ने संतोष जताया.

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