रोहतास: ऑडियो वायरल मामले में एएसआई समेत दो गिरफ्तार, दो दिन पहले किए गए थे सस्पेंड

रोहतास जिले के नौहट्टा थाना क्षेत्र में महिला से शराब के केस में अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए पैसा मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद बीते 23 दिसंबर को एसपी आशीष भारती ने एएसआई दिनेश प्रसाद, चौकीदार सत्येंद्र पासवान एवं संजय राम को निलंबित किया था. जबकि थानाध्यक्ष को लाइन हाजिर किया गया था. उक्त मामले में शनिवार को प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने एएसआई दिनेश प्रसाद एवं चौकीदार सत्येंद्र पासवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.

एसपी आशीष भारती ने बताया कि 19 दिसंबर को सोशल मीडिया पर नौहट्टा थाना से संबंधित किसी पुलिस पदाधिकारी द्वारा एक महिला से शराब के केस में अनुचित लाभ पहुंचाने के लिए पैसा मांगने का एक ऑडियो वायरल हो रहा था, जिसकी जांच मुख्यालय डीएसपी सरोज कुमार साह से करायी गयी. उन्होंने बताया कि समर्पित जांच प्रतिवेदन से स्पष्ट हुआ कि नौहट्टा थाने के एसआई दिनेश प्रसाद एवं चौकीदार सत्येंद्र पासवान के द्वारा कुसुम देवी के मोबाइल पर फोन करके थाना में 18 दिसंबर 2021 को दर्ज उत्पाद अधिनियम के तहत दर्ज कांड के अभियुक्त बौलिया निवासी रवि चौधरी के विरुद्ध केस दर्ज नहीं करने के बदले 50 हजार रुपये की मांग की गई थी. इसकी पुष्टि कुसुम द्वारा भी की गई है. लेकिन ओरिजिनल ऑडियो मांगे जाने पर कुसुम देवी द्वारा ऑडियो प्रस्तुत नहीं कराया गया है. उन्होंने बताया कि अभियुक्त रवि चौधरी पूर्व में भी शराब कांड में जेल जा चुका है.

एसपी ने बताया कि अबतक के साक्ष्यों के आधार पर एएसआई दिनेश प्रसाद एवं चौकीदार सत्येंद्र पासवान को दोषी पाया गया है. इस संबंध में मुख्यालय डीएसपी सरोज कुमार साह के टंकित आवेदन पत्र के आधार पर शनिवार को नौहट्टा थाना में धारा-120 बी भादवि एवं 7 भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम के अंतर्गत एएसआई दिनेश प्रसाद एवं चौकीदार सत्येंद्र पासवान पर प्राथमिकी दर्ज किया गया है. अनुसंधान के दौरान एएसआई दिनेश प्रसाद एवं चौकीदार सत्येंद्र पासवान को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया.

एसपी ने कहा कि पुलिस-प्रशासन पूर्ण शराबबंदी को सख्ती से लागू कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है. इस संबंध में कोई भी सूचना प्राप्त होने पर अविलंब स्थानीय पुलिस-प्रशासन को अथवा रोहतास पुलिस कंट्रोल रुम नंबर 7061944921 सूचना दे सकते है. कारोबारी के बारे में भी बता सकता है. सूचना देने वाले का नाम भी गोपनीय रहेगा. उसके बाद तत्काल कारवाई होगी. राज्य सरकार पूर्ण शराबबंदी कानून को सफल बनाने के लिए सभी थानाध्यक्षो को अलग से निर्देश जारी हुए हैं. जिसमें प्रतिदिन की उनकी शराबबंदी से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी मुख्यालय को शेयर करनी है.

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