डिब्‍बा कैस्‍ट्रॉल का और मोबिल ऑयल नकली, सासाराम में पुलिस छह को दबोचा, 84 लीटर नकली मोबिल बरामद

आप अपनी कार या बाइक के लिए कैस्‍ट्रॉल जैसे नामचीन ब्रांड ऑयल खरीदकर निश्चिंत हो रहे हैं. जरूरी नहीं यह असली ही हो. दरअसल सासाराम शहर में बड़े पैमाने पर कैस्‍ट्रॉल जैसे नामचीन ब्रांड ऑयल नाम से हूबहू नकली मोबिल बेचा जा रहा है. सासाराम नगर थाना की पुलिस ने रविवार को शहर के अलग-अलग इलाकों से छापेमारी कर नकली मोबिल के साथ छह लोगों को गिरफ्तार किया है.

गिरफ्तार लोगों के पास से भारी मात्रा में नकली मोबिल बरामद किए गए हैं, जो कैस्ट्रॉल कंपनी के नाम पर बाजार में बेचे जा रहे हैं. एसपी आशीष भारती ने बताया कि सूचना मिली कि सासाराम बाजार में कुछ दूकानदार के द्वारा कैस्ट्रॉल कंपनी के नाम पर नकली मोबिल बेचा जा रहा है. सूचना पर नगर थाना के विशेष छापेमारी दल के द्वारा तत्काल कार्रवाई करते हुए सासाराम बाजार में विभिन्न दूकानों में छापेमारी किया गया.

जिसमें निशान सिनेमा हॉल के पास से विनायक कुमार रस्तोगी, जानी बाजार के टकसाल संघत के सुनील कुमार, महावीर स्थान के राजेश कुमार, सागर के दीपक कुमार चौधरी, उचितपुर के लालजी सिंह एवं अकोढ़ीगोला के चांदी गांव के सोनू कुमार कुल 84 लीटर नकली मोबिल के साथ गिरफ्तार किया गया है. इस बरामद नकली मोबिल की पैकिंग असल कैस्‍ट्रॉल से इतनी मिलती जुलती है कि साधारण व्यक्ति की इसे पहचान जाना संभव नहीं है. एसपी ने बताया कि उपरोक्त अभियुक्तों से पूछताछ के दौरान ब्रांडेड कंपनी के नाम पर नकली मोबिल बेचने की बात स्वीकार किया गया है.

कैस्ट्रॉल कंपनी के एक कर्मी के मुताबिक असली नकली में फर्क पता करने का सिर्फ तरीका डब्बे के ढक्कन पर लगा मोनोग्राम स्टिकर खुरचने से भी नहीं मिटेगा, जबकि नकली वाले में ऊपर से प्रिंटेड रहता है जो आसानी से मिट जाता है. एक और तरीका यह भी है कि असली डब्बे का बारकोड स्कैन करने पर मोबाईल में उस ब्रांड और पैकिंग का सभी डिटेल प्रदर्शित करेगा, जबकि नकली वाले का बारकोड स्कैन ही नहीं होगा.

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