अब भोजपुर नहीं जाएंगी रोहतास जिले के शिवपुर की चिट्ठि‍यां, बदला पिन कोड

फाइल फोटो: पोस्ट ऑफिस बिक्रमगंज

रोहतास एवं भोजपुर जिले की सीमा पर बसा शिवपुर गांव के लोगों को चिट्ठी मिलने में होने वाली मुश्‍क‍िल तब दूर हुई, जब चिट्ठियाें का दौर ही खत्‍म होने को है. शिवपुर पंचायत के छह गांव का अब जाकर रोहतास जिले के बिक्रमगंज डाकघर से जुड़ गया है. पहले यह डाकघर भोजपुर जिला के हसनबाजार का अंग था. 1972 में शाहाबाद से रोहतास एवं भोजपुर जिला अलग हुआ, तो रोहतास जिले के बिक्रमगंज प्रखंड का शिवपुर पंचायत के छह गांवों शिवपुर, सियारुआ, रमाही टोला, झूमर टोला, वरुणा व मोहनी के डाकघर नहीं बदले. वे भोजपुर जिले के हसनबाजार के डाकघर से जुड़े रहे. इसके चलते लोगों को परेशानी हो रही थी.

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अब तक की व्‍यवस्‍था में बगल के गांव से भी कोई चिट्ठी लिखे या कुछ सामान भेजे तो कोई डाक पहले भोजपुर जिला मुख्यालय आरा जाती थी. उसके बाद हसनबाजार और फिर शिवपुर आती थी. लेकिन बाहर से जब कोई डाक आती थी और उसपर जिला रोहतास थाना या प्रखंड या भाया बिक्रमगंज लिखा होता था तो वह पहले सासाराम पहुंचती थी. उसके बाद बिक्रमगंज और जब बिक्रमगंज से उसे भोजपुर के लिए लौटाया जाता था तो पुन: सासाराम जाती थी. इसके बाद पटना, आरा, हसनबाजार होते शिवपुर पहुंचती थी. इस प्रक्रिया में काफी समय लग जाता था. इससे क्षुब्ध यहां के लोगों ने लंबी लड़ाई लड़ी. बिहार के पोस्टमास्टर जनरल के आदेश के बाद अब शिवपुर के छह पोस्ट ऑफिस बिक्रमगंज से अब जुड़ गया. अब यहां का पिन कोड भी बिक्रमगंज का पिनकोड 802212 हो गया. इससे स्थानीय लोगों में काफी खुशी है.

फाइल फोटो: पोस्ट ऑफिस बिक्रमगंज

साईं बीएड एंड डीएलएड कॉलेज के निदेशक धनंजय सिंह ने इसके लिए लंबी लड़ाई लड़ी व सफलता पाई. बताते हैं कि शिवपुर डाकघर की स्थापना 1932 में हुई थी. उस समय यह शाहाबाद जिला था. 1972 में रोहतास जिला बनने के बाद शिवपुर रोहतास का हिस्सा हो गया. इस पोस्ट ऑफिस के छह गांव रोहतास जिला के एवं आठ गांव भोजपुर जिला के थे. शाहाबाद जिला के विभाजन के पश्चात शिवपुर पोस्ट ऑफिस का ऑफिस तो रोहतास जिला की सीमा में था, लेकिन यह पोस्टऑफिस हसन बाजार डाकघर से संबद्ध था. ऑनलाइन कोई आवेदन में पिन कोड डालने पर भोजपुर जिला स्वत: बताने लगता था. इसके लिए ग्रामीणों ने कई बार प्रदर्शन किया और बवाल काटा. मुखिया अमित सिंह, सरपंच संकठा सिंह सहित अन्य प्रतिनिधि और वार्ड सदस्य ने लिखित आवेदन भी विभाग को भेजा. अंतत: मुहिम रंग लाई. पोस्टमास्टर नितेश्वर सिंह ने बताया कि इस सुधार के कारण कर्मी सहित ग्रामीणों में काफी खुशी है.

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