अग्निपथ योजना के खिलाफ बिक्रमगंज में युवाओं ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन, भभुआ में इंटरसिटी ट्रेन के बोगी में लगाई आग

भभुआ रोड स्टेशन पर आंसू गैस के गोले छोड़ती पुलिस

अग्निपथ योजना के विरोध में भभुआ और बिक्रमगंज में भी उग्र प्रदर्शन हुआ. रोहतास जिले के बिक्रमगंज में छात्र सड़क पर उतर गए और केंद्र सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए सेना भर्ती की नई नीति को वापस करने की मांग की. शहर के तेंदूनी चौक पर छात्रों के प्रदर्शन से गाड़ियों की लंबी कतार लग गई. वहीं, कैमूर जिले के भभुआ रोड स्टेशन पर छात्रों और युवाओं की भीड़ ने ट्रेनों पर पथराव और आगजनी किया.

भभुआ रोड स्टेशन पर युवाओं ने प्लेटफॉर्म नंबर दो पर खड़ी भभुआ-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन के बोगी नंबर डी फाइव में आग लगा दी. इससे बोगी धू-धूकर जलने लगी. रेलकर्मियों की तत्परता से आग पर काबू पाया गया. युवाओं की उग्र भीड़ ने प्लेटफार्म नंबर तीन पर यात्रियों के बैठने वाली सीट तथा इंडिकेटर को तोड़ दिया. प्लेटफॉर्म नंबर दो पर जीआरपी थाना परिसर में जब्त कर रखी गई समानों को रेल ट्रैक पर फेंक दिया और जमकर उत्पात मचाया. उनके हाथों में लाठी-डंडे के साथ तिरंगा झंडा भी था.

प्रभारी डीएम डॉ. संजय कुमार व एसपी राकेश कुमार रेलवे स्टेशन पहुंचे और प्रदर्शनकारी युवाओं से बात करने की कोशिश की. लेकिन, युवा उनकी सुनने को तैयार नहीं थे. पश्चिमी होम सिंग्नल तक जब युवा पहुंचे, तब उनके एक साथी को पुलिस ने पकड़ लिया. यह देख युवाओं की भीड़ भड़क गया और पथराव शुरू कर दिया. पथराव होते देख पुलिस को मौके से पीछे हटना पड़ा और प्लेटफॉर्म नंबर एक पर खड़ी इंटरसिटी एक्सप्रेस की बोगी में घुसकर खुद को सुरक्षित किए. इसी दौरान दौरान युवाओं ने पथराव भी किया, जो मोहनिया थाने के दारोगा संतोष कुमार के सिर पर एक पत्थर जा लगा, जिससे उनके सिर से खून बहने लगा. उन्हें तत्काल मोहनियां अनुमंडल अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज कर घर भेज दिया गया.

जिसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे. पुलिस के बदले तेवर को देख युवाओं की भीड़ प्लेटफॉर्म संख्या तीन की तरफ भागने लगी. पुलिस ने उन्हें डड़वा मुहल्ला तक खदेड़ा. इस दौरान पुलिस ने दो युवकों को हिरासत में भी लिया है. दोनों युवक अपने को निर्दोष बता रहे थे. डड़वा से लौटी पुलिस टीम रेलवे ट्रैक से मलबा को हटवाने में जुट गई. एसपी ने रेल स्टेशन प्रबंधक से ट्रेन परिचालन शुरू करवाने को कहा. इसके बाद स्टेशन प्रबंधक ने स्थिति का जायजा लिया और दुर्गावती स्टेशन पर सूचना दी गई. जिसके बाद अब ट्रेनों का परिचालन शुरू हो गया है.

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