कैमूर में टूटी पटरी पर दौड़ने वाली थी हावड़ा-बीकानेर एक्सप्रेस, ग्रामीणों की सूझबूझ से टला हादसा

पंडित दीन दयाल उपाध्याय-गया रेलखंड पर स्थित पुसौली व मुठानी स्टेशन के बीच शनिवार की सुबह साढ़े सात बजे रेल पटरी टूटी देख घटांव गांव के दो ग्रामीणों ने सूझबूझ का परिचय देते कई लोगों की जान बचा ली. मिली जानकारी के अनुसार शनिवार सुबह पुसौली स्टेशन से एक किमी दूर रेलवे लाइन के किनारे अपने खेत में काम कर रहे कैमूर जिला के मोहनियां थाना अंतर्गत घटाव गांव के प्रेमचंद राम और रामप्रवेश राम ने अप लाइन में एक मालगाड़ी के गुजरने के बाद रेलवे ट्रैक के टूटी पटरी पर नजर गई, तो उन दोनों ने पोल संख्या 608/25 ए के पास टूटे रेल ट्रैक को देखकर अपना लाल रंग गमछा लेकर उस जगह से कुछ दूर जाकर ट्रैक पर लकड़ी लगाकर खड़ा कर दिया.

लाल गमछा देख ट्रेन के चालक ने भी समझदारी का परिचय देते हुए इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया. रेल पटरी का वेल्डिंग टूटने की सूचना पर तत्काल रेल प्रशासन हरकत में आया और टूटी पटरी की मरम्मत कराई. इस दौरान लगभग 45 मिनट तक उक्त ट्रेन खड़ी रही. ट्रेन को दूसरी लाइन से रवाना किया गया. प्रेमचंद राम और राम प्रवेश की इस सूझबूझ के लिए स्टेशन मास्टर ने माला पहनाई और मिठाई खिलाकर सम्मानित किया. पुसौली रेलवे स्टेशन के स्टेशन मास्टर ने बताया कि हावड़ा-बीकानेर ट्रेन अप लाइन से गुजर रही थी. तभी ग्रामीणों ने रेलवे की पटरी टूटी देख रेलवे को अपना लाल गमछा दिखाकर ट्रेन रुकवाई. आज बड़ा हादसा टल गया. गाड़ी को रोककर दूसरी लेन से 45 मिनट बाद रवाना किया गया. पटरी की मरम्मत का कार्य शुरू करा दिया गया है.

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