लगातार छापेमारी से कैमूर पहाड़ी पर सक्रिय नक्सली ने किया आत्मसमर्पण

कैमूर पहाड़ी पर सक्रिय नक्सली विरेंद्र यादव उर्फ भोरिक यादव ने गुरुवार को कैमूर पुलिस अधीक्षक के समक्ष हथियार, वर्दी सहित अन्य सामान के साथ आत्मसमर्पण कर दिया. उसके पास से नक्सली वर्दी पांच सेट, दो काले रंग का पैंट, चार गमछा, देशी बिंडोलिया चार, काले रंग की बिंडोलिया तीन, दो फ्लूथू, 50 ग्राम बंदूक का तेल, सदस्यता के लिए वसूली जा रही दो रसीद, तीन पॉकेट बंदूक 12 बोर का सहित एक दर्जन गोली मिली है. जानकारी के अनुसार विरेंद्र यादव उर्फ भोरिक यादव रोहतास जिला के नौहट्टा थाना क्षेत्र के बुथुआ गांव निवासी स्व. शिव प्रसाद यादव का पुत्र है. वर्तमान पता रोहतास जिला के चेनारी थाना के नंदूसियरा गांव है. यह जानकारी एसपी दिलनवाज अहमद ने दी.

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उन्होंने बताया कि यह पूर्व में एमसीसी एवं टीपीसी दस्ता सदस्य के रूप में कैमूर पहाड़ी के क्षेत्र में सक्रिय रहा है. हाल में जमानत पर जेल से छूटने के बाद इस पर दो कांड दर्ज किया जा चुका है तथा वर्तमान में यह उग्रवादी कैमूर पहाड़ी क्षेत्र के आसपास में अपने दस्ता के साथ सक्रिय रह कर जिले में लेवी की मांग किया करता था.

उन्होंने बताया कि डीएफओ संजय सिंह हत्याकांड में सासाराम जेल में बंद निराला यादव के छोटे दामाद सुनील कुमार यादव के साथ मिल कर बालू माफिया से अवैध लेवी वसूलने का भी इसके ऊपर आरोप है. उन्होंने बताया कि कुछ दिनों से सूचना मिल रही थी कि अधौरा थाना क्षेत्र में कुछ नक्सली रोहतास और कैमूर जिले में भोरिक यादव अपने गिरोह के साथ सक्रिय है. इस पर कई लोगों व ठेकेदारों के नाम पर रंगदारी और लेवी वसूलने की सूचना प्राप्त हुई. साथ ही अधौरा थाना क्षेत्र में ही छिप कर रहने की बात पता चली. इसके बाद लगातार पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी. पुलिस की लगातार छापेमारी से गुरुवार को भोरिक यादव ने समर्पण कर दिया. एसपी ने बताया कि इसके ऊपर हत्या सहित पांच मामले दर्ज हैं. जिसमें हाल में रोहतास जिले में दो नक्सली कांडों में यह फरार है.

उसने पूछताछ में बताया है कि पिता की हत्या का प्रतिशोध में बदलने की भावना से एक व्यक्ति को गोली मारने और उसमें जेल में बंद डीएफओ हत्याकांड में मुख्य अभियुक्त निराला यादव के संपर्क में आ कर जेल से बाहर आकर नक्सली संगठन में शामिल हुआ. पुन: पुलिस की लगातार छापेमारी एवं सरकार की नक्सल सरेंडर नीति एवं अपने एक रिश्तेदार के समझाने पर समाज की मुख्य धारा से जुड़ने के लिए आत्मसमर्पण किया है. एसपी ने बताया कि जो भी विधि समत करवाई है किया जा रहा है. साथ ही सरकार का जो सरेंडर योजना है उसके तहत इसको जो लाभ मिलेगा किया जायेगा, जो केस में फरार है उसमें भोरिक यादव को जेल भेजा जा रहा है.

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