जब देश की आजादी के लिए एक ही दिन कुर्बान हो गए थे रोहतास के 4 युवा, पढ़ें शहादत की पूरी कहानी

कल यानि 15 अगस्त को पूरा देश स्वतंत्रता दिवस मनाएगा. देश की आजादी में रोहतास जिला का भी अपना विशेष योगदान है. 1942 के अंग्रेजों भारत छोड़ो आंदोलन के शंखनाद से प्रेरित होकर रोहतास के चार क्रांतिकारी वीरों ने आज ही के दिन 1942 में शहादत दी थी. शहादत स्थल पर निर्मित गांधी स्मारक वीर सपूतों की याद दिलाता रहता है, जिस पर शहीद कउपा गांव के जैराम सिंह, सासाराम के महंगू राम व जगन्नाथ राम और बचरी गांव के जगदीश प्रसाद के नाम अंकित हैं. इन्हें हर राष्ट्रीय दिवस पर लोग श्रद्धांजलि देते हैं. इतिहास के पन्नों में दर्ज इन वीरों की शहादत की घटना की कहानी कुछ इस तरह है.

रोहतास जिले में भारत छोड़ो आंदोलन को लेकर 11 अगस्त 1942 को नवजवानों का विशाल समूह जनक्रांति में परिवर्तित हो गया. सासाराम में रेलवे स्टेशन जला दिया गया, संचार व्यवस्था भंग कर दी गई और सरकारी कार्यालयों पर तिरंगा लहरा दिया गया. 12 अगस्त को डॉ. राम सुभग सिंह के नेतृत्व में हजारों छात्रों के आने से क्रांति हुंकार करने लगी. सासाराम हाई स्कूल के फाटक पर सर्वश्री सूर्यमल, तारा सिंह, जगदीश प्रसाद, निरंतर सिंह, रामनाथ रस्तोगी तथा इंद्र दमन पाठक आदि के नेतृत्व में छात्रों ने धरना देकर स्कूल बंद रखा. 13 अगस्त को अंग्रेजी हुकूमत की सारी सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए शहर के टाउन हाई स्कूल के क्रांतिकारी छात्र दरगाही राम ने दीवानी न्यायालय पर तिरंगा फहरा दिया था. तिरंगा फहराने की योजना के एक दिन पूर्व यानि 12 अगस्त की रात छात्रों ने गुप्त स्थान पर इसकी रणनीति बनाई थी. 13 अगस्त को ही दानापुर से ब्रिटिश फौजियों का दल सासाराम आ धमका.

14 अगस्त को दिन के करीब 11:30 बजे टाउन हाईस्कूल के पास से छात्रों का एक जुलूस निकला. एसडीओ मि. मार्टिन ने जुलूश पर लाठी चार्ज करा दिया. जो नहीं भागे, उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. एसडीओ पुनः स्कूल गेट पर आ धमका और नेतृत्वकर्ता बचरी निवासी जगदीश प्रसाद नामक विद्यार्थी को सीधे गोली मार दी. इलाज के क्रम में ही वे शहीद भी हो गए. गोली की घटना के बाद जीटी रोड एवं धर्मशाला के पास ब्रिटिश फौज तथा जनता में भयंकर मुठभेड़ हो गई. जहां ब्रिटिश फौजियों ने गोली चार्ज कर दिया और तीन दीवाने कउपा के 20 वर्षीय जैराम सिंह, सासाराम के 22 वर्षीय महंगू राम एवं दनवार के 19 वर्षीय जगन्नाथ राम चौरसिया गोली खाकर शहीद हो गए. जबकि सासाराम के कोठाटोली मोहल्ले के बृजकुमार लाल, मोहल्ला के मंडई के जवाहर भगत, टकसाल संघत के गौ सिंह, चंवरतकिया के लक्ष्मण यादव, खिड़की घाट के देऊ राम, लश्करीगंज के गुलाब राय, महावीर स्थान के शिवपूजन सिंह, लखुनसराय के रामकीरित महतो तथा करगहर गांव के मुसाफिर राम गोली लगने से घायल हुए थे.

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