रोहतास के एनएमसीएच ने एक वर्ष में दो लाख 18 हजार आरटी-पीसीआर जांच किया

रोहतास जिले के जमुहार स्थित नारायण चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल के वायरोलॉजी डिपार्टमेंट ने एक वर्ष में कोविड सैंपल के दो लाख 18 हजार आरटी-पीसीआर जांच कर एक कीर्तिमान स्थापित किया है. निजी क्षेत्र के प्रयोगशालाओं में बिहार में एनएबीएल द्वारा मान्यता प्राप्त संस्थान अपने शिक्षकों एवं तकनीशियनों के समर्पित सेवा भावना की बदौलत आज यह मुकाम हासिल कर सका है.

बुधवार को एक साल पूरे होने पर विभाग द्वारा कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए आयोजित एक कार्यक्रम में शिक्षकों, प्रयोगशाला तकनीशियन और कर्मचारियों को संबोधित करते हुए संस्थान के अध्यक्ष व राज्यसभा सांसद गोपाल नारायण सिंह ने कहा कि हमारे इन कोरोना योद्धा की मेहनत की बदौलत आज संस्थान का नाम राज्य एवं देश में ऊंचा हुआ है. उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी के संकटकालीन दौर में जिस प्रकार अनवरत सेवा देकर विभागीय शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने अपने लगन एवं ईमानदारी का परिचय दिया है उसके लिए धन्यवाद शब्द छोटा प्रतीत हो रहा है.

उन्होंने वायरोलॉजी डिपार्टमेंट के एक साल पूरा होने एवं महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल होने के अवसर पर प्रतीक चिन्ह एवं कोरोना योद्धा प्रमाण पत्र देकर उन्हें सम्मानित किया. इस अवसर पर गोपाल नारायण सिंह विश्वविद्यालय के कुलपति डॉक्टर प्रोफेसर एमएल वर्मा, सचिव गोविंद नारायण सिंह एवं प्रबंध निदेशक त्रिविक्रम नारायण सिंह ने उपस्थित माइक्रोबायोलॉजी विभाग के शिक्षकों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि इस विकट परिस्थिति में उनके द्वारा किए गए कार्य की बदौलत ही आज रोहतास जिले के अलावे समीपवर्ती औरंगाबाद एवं कैमूर जिला के भी सभी सैंपल्स आरटी-पीसीआर जांच के लिए नारायण चिकित्सा महाविद्यालय में आ रहे हैं. उनकी जांच कर 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड कर दिया जाता है. जबकि अन्य स्थानों पर तीन से चार दिन के बाद रिपोर्ट मिल पाता है.

कार्यक्रम में संस्थान के चिकित्सा अधीक्षक डॉ एस अली इमाम, उपाधीक्षक डॉ अभिषेक कामेन्दु व डॉ राजीव रंजन, विभाग के प्रोफेसर डॉ राणा प्रताप, सहप्राध्यापक डॉ मुकेश कुमार, सहायक प्राध्यापक डॉ अश्विनी कुमार एवं ट्यूटर डॉक्टर अनुराधा कुमारी, महाप्रबंधक उपेन्द्र कुमार सिंह उपस्थित थे.

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